झज्जर। वर्षों पुराने सामान्य अस्पताल के पुराने भवन को कंडम घोषित करने के बाद विभाग ने इसे खाली कर पूरी तरह से बंद कर दिया है। विभाग की तरफ से इस भवन को तोड़ने और इसके स्थान पर 100 बेड का नया ब्लॉक तैयार करने के लिए इसके साथ ही एस्टीमेट तैयार करवा कर सरकार से मंजूरी मांगी जाएगी। लोक निर्माण विभाग की तरफ से सामान्य अस्पताल के पुराने भवन को तोड़ने के लिए एस्टीमेट तैयार किया जाएगा और इसके साथ ही नए भवन के निर्माण के लिए भी स्वास्थ्य विभाग की तरफ से मुख्यालय से मंजूरी मांगी जाएगी। जल्द ही इसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। बताया जा रहा है चुनाव आचार संहिता लगने से पहले ही इस कार्रवाई को पूरा किए जाने की संभावना है। विभाग के अधिकारियों की तरफ से सामान्य अस्पताल के पुराने भवन को पूरी तरह से खाली करवाने के बाद उसे बंद कर दिया गया है ताकि कोई व्यक्ति इस भवन में न घुसे और कोई घटना न हो। इसके लिए विभाग ने इस भवन को बंद कर सभी गेटों पर ताले लगा दिए हैं।
2012 में तैयार किया था नया 100 बेड का भवन
वर्ष 2012 में करीब साढेे़ 12 करोड़ रुपये की लागत से 100 बेड के नए भवन का निर्माण किया गया था। उसके बाद कई विभाग में काम कर रहे थे। इनमें दंत विभाग की ओपीडी, एक्सरे और अल्ट्रासाउंड केंद्र, टीकाकरण सहित मलेरिया विभाग का कार्यालय इस भवन में था। इन्हें बदलकर सामान्य अस्पताल के 100 बैड वाले भवन में तब्दील कर दिया गया है।
200 बेड का हो जाएगा जिला अस्पताल
शहर के सामान्य अस्पताल में 100 बेड के नए भवन का निर्माण होने के बाद जिला मुख्यालय पर 200 बेड का सरकारी अस्पताल हो जाएगा। वहीं 200 बेड के अस्पताल के हिसाब से सभी सुविधाएं जिला वासियों को मिलेगी। जबकि स्टाफ की नियुक्ति भी 200 बेड के अस्पताल के हिसाब से होगी। सुविधाएं भी मरीजों के लिए उसके अनुरूप ही होंगी तो मरीजों को इलाज कि लिए बेहतर सुविधा मिलेगी। इतना ही नहीं जिला में 200 बेड के दो अस्पताल हो जाएंगे। इससे पहले बहादुरगढ़ में भी 200 बेड के नए अस्पताल भवन का निर्माण किया जा रहा है।
सेक्टर छह में भेजा मलेरिया विभाग
अस्पताल प्रबंध की तरफ से इस भवन के कंडम होने के बाद मलेरिया विभाग का कार्यालय भी बदल दिया है। मलेरिया विभाग को शहर के सेक्टर 6 में स्थित पॉलीक्लिनिक स्थानांतरित कर दिया गया है। इस भवन
में कार्य रहे ओपीडी, कार्यालय आदि को स्थानांतरित कर दिया गया है। अब टीबी विभाग का कार्यालय इस भवन के पिछले हिस्से में काम कर रहा है।
पुराने भवन को खाली कर दिया गया है। अब मुख्यालय से इस भवन को तोड़ने और नए भवन का निर्माण करने के लिए मंजूरी मांगी जाएगी।
आरएस पूनियां, सीएमओ, झज्जर।