बौंदकलां। सांजरवास जलघर को इंद्रा कैनाल से जोड़ने की मांग को लेकर सांजरवास और फौगाट गांव के ग्रामीणों का धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। जिला प्रशासन की ओर से अभी तक ग्रामीणों की समस्या के समाधान के लिए कोई कदम नहीं उठाने पर ग्रामीणों ने वीरवार को नारनौल-चंडीगढ़ मुख्यमार्ग को जाम करने की चेतावनी दी है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार द्वारा उनकी मांग को अनदेखा किया जा रहा है। विधायक राजदीप फौगाट और पूर्व विधायक मेजर नृपेंद्र सांगवान भी बुधवार को धरनास्थल पर पहुंचे।
गांव सांजरवास और फौगाट गांव के ग्रामीणों का धरना 22 जून से जारी है। मंगलवार को बाढड़ा विधायक सुखविंद्र मांढी पहुंच थे। विधायक ने भी जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के एसई विशाल बंसल को सांजरवास जलघर तक पानी पहुंचाने के लिए उचित कदम उठाने के निर्देश दिए थे। एसई ने जल्द ही नया टेंडर जारी करके काम पूरा करने की बात कहीं थी। वहीं, विधायक ने डीसी चरखी दादरी से जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और ठेकेदार के साथ बातचीत करके अधूरी पड़ी पाइप बिछवाकर जलघर तक पानी पहुंचाने की मांग की थी। सुखविंद्र से पहले पूर्व कांग्रेस मंत्री सतपाल सांगवान भी धरनास्थल पर पहुंचे थे। बुधवार को दादरी विधायक राजदीप फौगाट ने भी धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि इस संबंध में जिला उपायुक्त से बातचीत कर मामले को सिरे चढ़वाया जाएगा। वहीं, पूर्व विधायक नृपेंद्र सांगवान ने भी समस्या का समाधान करवाने का आश्वासन दिया है। बुधवार को धरने पर बैठे गांव सांजरवास के पूर्व सरपंच जगदीश ने कहा कि प्रशासन व सरकार ने पानी पहुंचाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई न होते देख ग्रामीण वीरवार को मुख्यमार्ग जाम करने को विवश होंगे। बुधवार को संजीत नागिल, राजा नंबरदार, धर्म सिंह नंबरदार, शिव नरेश नंबरदार, नवीन, शिवचरण पीटीआई, बेदू ठेकेदार, जगलाल नंबरदार, दयाराम यादव, हरबंस सिंह, चंद्रपाल, रामप्रसाद शर्मा, राजबीर नागिल, जोगेंद्र नागलि, उदय चौहान, जितेंद्र पंच, धर्मपाल लाकड़ा, फूलवारी, कमल जांगड़ा, अलीशेर, विनोद उर्फ बंटा, ईश्वर शर्मा, हरपाल सिंह व प्रश्रजीत सिंह सहित महिलाएं भी धरनास्थल पर मौजूद रही।