बौंदकलां। सांजरवास फौगाट जलघर को लोहारू कैनाल से जोड़ने की मांग पर सांजरवास और फौगाट के ग्रामीणों का बेमियादी धरना रविवार को भी जारी रहा। ग्रामीणों ने विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जाहिर किया। वहीं, रविवार को पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान सहित स्थानीय नेता भी धरनास्थल पर अपना समर्थन देने पहुंचे।
गांव सांजरवास और फौगाट गांव को एक ही जलघर से पानी की आपूर्ति की जाती है। सांजरवास माइनर से पूरा पानी नहीं आने के कारण दोनों गांवों के लोगों को पेयजल समस्या का सामना करना पड़ रहा है। गांव सांजरवास व फौगाट के ग्रामीणों ने गत 22 मार्च 2018 को सांजरवास जलघर को लोहारू कैनाल से पानी दिए जाने की मांग को लेकर नारनौल-चंडीगढ़ मुख्यमार्ग पर जाम लगाया था। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के तत्कालीन एक्सईएन विशाल बंसल ने जल्द ही परियोजना बनाकर लोहारू कैनाल से जोड़ने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया था। जाम लगाने पर पांच नामजद सहित अन्य के खिलाफ पुलिस ने केस भी दर्ज किया था।
ग्रामीणों ने बताया कि बौंदकलां डिस्ट्रीब्यूटरी और सांजवास माइनर से भारी मात्रा में पानी चोरी के चलते जलघर के टैंकों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। कई सालों से जलघर के चारों टैंक सूखे पड़े है। सूखे टैंक को बच्चों ने क्रिकेट की पिच बना दिया है। दो साल पूर्व ग्रामीणों ने भी जनस्वास्थ्य मंत्री डॉ. बनवारीलाल से मांग की थी कि जलघर को इंदिरा गांधी कैनाल से जोड़कर पानी पहुंचाया जाए जिससे कि पेयजल संकट खत्म हो सकें। लेकिन इसके बावजूद भी समस्या बरकरार है। रविवार को जलघर के सामने धरने को समर्थन देनी पहुंची मनीषा फांउडेशन की अध्यक्षा मनीषा सांगवान ने ग्रामीणों की मांग को जायज बताया। उन्होंने कहा कि यह मांग सरकार तक पहुंचाई जाएगी। वहीं, पूर्व सहकारिता मंत्री सतपाल सांगवान भी धरने पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के दौरान ही इस परियोजना को तैयार किया गया था। लेकिन उसके बाद में प्रदेश में भाजपा की सरकार बन गई। ग्रामीणों की मांग को पूरा करवाने में पूरा सहयोग किया जाएगा। धरने में रविवार को पूर्व सरपंच जगदीश सिंह, संजीत नागिल, मुल्तान, राजा नंबरदार, धर्मसिंह नंबरदार, पूर्व सरपंच प्रतिनिधि फौगाट राजेश, शिव नरेश नंबरदार, नवीन, प्रश्रजीत सिंह, शिवचरण पीटीआई, विनोद उर्फ बंटा, नरेश गोस्वामी, रामबीर, देवेंद्र फौजी, नरेश सेठ, श्योपाल, विकी ठेकेदार, बेदू ठेेकेदार समेत अनेक ग्रामीण शामिल रहे।
20 रुपये का कैंपर खरीद प्यास बुझाते हैं ग्रामीण
जलघर के सभी चार टैंकों में पानी नहीं होने के कारण ग्रामीणों को 20 रुपये प्रति कैंपर खरीदकर प्यास बुझानी पड़ रही है। जलघर में लगे तीन भूमिगत ट्यूबवेलों में से फिलहाल दो खराब हो चुके है। वहीं, केवल एक ट्यूबवेल के जरिये ही गांव पेयजल की आपूर्ति की जाती है। इस ट्यूबवेल का पानी भी खारा है। इसके चलते ग्रामीण कैंपर रखवाने को विवश हैं।
ठेकेदार ने काम करने से किया था मना: सांगवान
पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान ने कहा कि यह मांग उनके कार्यकाल में उठी थी। उस समय एस्टिमेट तैयार करवाकर टेंडर प्रक्रिया पूरी कर दी गई थी। लेकिन करीब ढाई साल पहले ठेकेदार ने काम करने से मना कर दिया और इसके बाद से ही जन स्वास्थ्य विभाग और सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है। इसका रिवाइज प्रपोजल तैयार करने में अधिकारी अब छह माह का समय लगने की बात कह रहे हैं।