झज्जर। सूरत के कोचिंग संस्थान में आग लगने की घटना से सबक लेते हुए दमकल विभाग ने करीब 80 शिक्षण संस्थानों को नोटिस थमाए हैं। नोटिस में शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 15 दिन में फायर सेफ्टी प्रबंध कर लें। इसके बाद विभाग की ओर से चेकिंग कर ऐसेे शिक्षण संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। भविष्य में फायर एनओसी नहीं लेने वाले शिक्षण संस्थानों पर तालाबंदी भी हो सकती है। दमकल विभाग का नोटिस मिलने के बाद शिक्षण संस्थान संचालकों में बेचैनी बढ़ गई है कि आखिर वे किराए के भवन को फायर सेफ्टी के लिहाज से क्यों खर्च करें। शहर के इन 80 शिक्षण संस्थानों में करीब सात से आठ हजार छात्र कोचिंग ले रहे हैं।
खाली करना पड़ सकता है भवन
शिक्षण संस्थानों के सामने संकट यह है कि वे किराए के भवन में चला रहे हैं। अगर भवन की फायर एनओसी पहले से नहीं है तो उन्हें इसके लिए अलग से खर्च करना होगा। अधिकांश के पास फायर एनओसी नहीं होने की मुख्य वजह यह है कि सभी संस्थान रिहायशी भवनों में चल रहे हैं इसलिए कामर्शियल एक्टिविटी के लिहाज से किसी भी भवन में फायर सेफ्टी सिस्टम नहीं हैं। ऐसे में भवन मालिकों की भी टेंशन बढ़ गई हैं।
सक्षम युवाओं ने बांटे हैं नोटिस
विभाग की ओर से सक्षम युवाओं को नोटिस बांटने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। सभी शिक्षण संस्थानों से नोटिस की रिसीविंग भी ली गई है ताकि भविष्य में कोई बहाना न बना सके। अब नोटिस के 15 दिन पूरे होने पर दमकल विभाग की टीम यहां की जांच करेंगे, सही मिलने पर फायर एनओसी की प्रक्रिया पूरी करवाई जाएगी तथा नहीं पूरी होने पर ऐसे संस्थान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वर्जन
मुख्यालय के निर्देशानुसार शहर के 80 शिक्षण संस्थानों को नोटिस दिए गए हैं। 15 दिन का समय फायर सेफ्टी प्रबंध के लिए इन संस्थानों को दिया गया है। अगर किसी ने तय समय में प्रबंध नहीं किए तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बिजेंद्र डागर, फायर सेफ्टी ऑफिसर झज्जर।