फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डॉक्टर न मिलने पर उम्र प्रमाण पत्र के लिए भटकते रहे बुजुर्ग

विज्ञापन
विज्ञापन
बहादुरगढ़। वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना का लाभ पाने के लिए बुजुर्गों को मशक्कत करनी पड़ रही है। शुक्रवार को ट्रामा सेंटर में उम्र जांच कराने के लिए पहुंचे काफी बुजुर्गों को परेशानी झेलनी पड़ी। डॉक्टर न होने के कारण लगभग साढ़े तीन घंटे तक बुजुर्ग अस्पताल परिसर में भटकते रहे। बाद में नगर परिषद कार्यालय में बुजुर्गों की जांच हुई। दरअसल, जिन बुजुर्गों के पास अपनी उम्र का कोई प्रमाण पत्र नहीं है, उनकी वृद्धावस्था तय करने के लिए डॉक्टरी जांच की योजना शुरू की गई है। इस जांच के बाद बुजुर्गों का उम्र संबंधी सर्टिफिकेट बनता है, जिसके आधार पर ही पेंशन बनाई जाती है। इसके लिए हर महीने के तीसरे शुक्रवार का दिन निश्चित किया गया है। शुक्रवार को बुजुर्ग अपनी उम्र की जांच कराने व प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ट्रॉमा सेंटर में पहुंचे। यहां कई घंटों के इंतजार के बाद भी कोई डॉक्टर उनकी जांच के लिए नहीं आया। असल में हुआ ये कि शुक्रवार की दोपहर ट्रॉमा सेंटर में एक ही डॉक्टर की ड्यूटी थी। चूंकि पोस्टमार्टम के लिए दो शव आए हुए थे तो उक्त डॉक्टर उस कार्रवाई में व्यस्त थे। इस वजह से बुजुर्गों की जांच नहीं हो पाई और बुजुर्ग इधर-उधर भटकते रहे। वार्ड-14 से अजीत राठी, राजबीर, वार्ड-3 से भतेरी, वार्ड-6 से कमला, ओमप्रकाश, रिसालो देवी, वार्ड-1 से संतोष, वार्ड-15 से बलजीत, वार्ड-28 से इंद्रा देवी, सरोज समेत कई अन्य बुुजुर्गों ने बताया कि सरकार ने पेंशन देने की योजना तो बना दी है लेकिन बुजुर्गों के लिए कोई भी उचित व्यवस्था नहीं की है। बुजुर्ग अस्पतालों में आते हैं तो यहां डॉक्टर नहीं मिलते और उन्हें घंटों तक बैठकर वापस जाना पड़ता है। आज वे सुबह 9 बजे से ही ट्रामा सेंटर में पहुंच गए थे लेकिन लगभग साढ़े 12बजे तक भी डॉक्टर नहीं आया। मौके पर पहुंचे पार्षद जसबीर सैनी, पार्षद प्रतिनिधि अशोक शर्मा, राजेश तंवर ने बुजुर्गाें को शांत कराया। कुछ बुजुर्गों ने ये तक कहा कि सरकार ने योजना को लेकर उचित व्यवस्था नहीं की तो वे योजना का बहिष्कार करेंगे। अपनी परेशानी को लेकर अस्पताल के कार्यवाहक पीएमओ डॉ. आरएस खासा के पास पहुंचे तो उन्होंने बुजुर्गों की जांच के लिए 2 डॉक्टरों की ड्यूटी लगाकर वैकल्पिक व्यवस्था की और नगर परिषद में ही जांच के लिए भेज दिया। उधर, नागरिक अस्पताल के कार्यवाहक पीएमओ डॉ. आरएस खासा ने कहका कि मामला उनके संज्ञान में नहीं था। जब बुजुर्ग आए तो दो डॉक्टरों की वैकल्पिक व्यवस्था कर दी गई।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें