झज्जर। भूकंप जैसी आकस्मिक आपदा से निपटने के लिए राष्ट्रीय राजधानी सीमा (एनसीटी) के साथ-साथ प्रदेेश के चार जिलों झज्जर, गुरुग्राम, सोनीपत और फरीदाबाद में 28 जून को एक साथ अंतरराज्यीय मेगा मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। अंतरराज्यीय मेगा मॉक ड्रिल में भूकंप जैसी आकस्मिक आपदा से निपटने के लिए तैयार की गई आपदा प्रबंधन एवं राहत प्लान को जांचा-परखा जाएगा। उपायुक्त संजय जून ने बुधवार को जिला आपदा प्रबंधन प्लान (डीडीएमपी) को अंतिम रूप देते हुए विभागीय अधिकारियों को मेगा मॉक ड्रिल की तैयारियों के निर्देश दिए। जिला आपदा प्रबंधन प्लान में सभी विभागों के कार्य और जिम्मेदारी तय की गई है। सभी विभाग मेगा मॉक ड्रिल की तैयारी जिला आपदा प्रबंधन प्लान के अनुसार तय समय सीमा में पूरा करें।
संवाद भवन में बनाया जाएगा कंट्रोल रूम
उपायुक्त संजय जून ने कहा कि जिला में मेगा मॉक ड्रिल के दौरान ड्रिल की निगरानी के लिए सेंट्रल ऑपरेशन कंट्रोल रूम जिला मुख्यालय स्थित संवाद भवन में स्थापित किया जाएगा। मेगा मॉक ड्रिल के दौरान भूकंप जैसी आपदा से निपटने की तैयारियों को जांचने व परखने के लिए पांच ऐसे स्थानों का चयन किया जाएगा। इनमें मल्टी स्टोरी बिल्डिंग, बड़ा कार्यालय जैसे लघु सचिवालय परिसर, सार्वजनिक स्थान शापिंग मॉल, एचपीसीएल या अन्य ऑयल कंपनी के प्लांट आदि को चुना जाएगा। इन स्थानों पर भूकंप जैसी आपदा के समय ज्यादा जान-माल के नुकसान की संभावना रहती है। मेगा मॉक ड्रिल ऐसे चिन्हित स्थानों पर करने से जिला आपदा प्रबंधन प्लान की सही तरीके से जांच-परख हो जाएगी। जिला राजस्व अधिकारी मनबीर सांगवान ने जिला आपदा प्रबंधन प्लान के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए सभी विभागों एक-एक प्रति दी।
प्लान के तहत होंगे सभी कार्य
उपायुक्त जून ने कहा कि जिला आपदा प्रबंधन प्लान राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की गाइडलाइन के अनुसार तैयार किया गया है। इसलिए मेगा मॉक ड्रिल के दौरान राहत से जुड़ी सभी एक्टिविटीज जिला आपदा प्रबंधन प्लान के अनुसार पूरी की जाएगी। आपदा से निपटने के लिए राहत एवं पुनर्वास केंद्र भी स्थापित किया जाएगा। राहत केंद्र से जरूरत के अनुसार मेडिकल टीम सहित राहत व बचाव के लिए मैनपावर व मशीनरी भेजी जाएगी। सभी राहत कार्यों की बारीकि से मॉनीटरिंग की जाएगी। इसके लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और सेना अधिकारियों की टीम झज्जर में उपस्थित रहेगी।