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राष्ट्रपति को पत्र लिखकर 280 किसानों ने मांगी आत्मदाह की अनुमति

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चरखी दादरी। एनएच-152 डी की अवार्ड राशि में संशोधन न होने से चरखी दादरी और जींद जिले के किसान खफा हैं। दोनों जिलों के 280 किसानों ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर सामूहिक आत्मदाह की अनुमति मांगी है। वहीं, अवार्ड राशि में संशोधन करने के लिए किसानों ने प्रदेश सरकार का 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। धरना संयोजक अधिवक्ता रमेश दलाल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अल्टीमेटम पूरा होने के बाद पंजाब की ट्रेनें, दिल्ली व गुरूग्राम का नहरी पानी रोकने की चेतावनी दी है। दोनों जिलों में किसानों का धरना बुधवार को भी जारी रहा।
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एनएच-152 डी के तहत जींद और चरखी दादरी के 24 गांवों की जमीन अधिग्रहीत की जानी है। ये किसान मौजूदा थ्री-जी अवार्ड राशि को मार्केट रेट से बेहद कम बताकर संशोधन की मांग कर रहे हैं। चरखी दादरी में 26 फरवरी से धरना जारी है। 12 जून को मुख्यमंत्री मनोहर लाल की मौजूदगी में किसानों के शिष्टमंडल की केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ बैठक की। इसमें नितिन गडकरी ने प्रदेश सरकार को रिवाइज अवार्ड राशि का प्रपोजल भेजने के निर्देश दिए थे। किसान नेता एवं अधिवक्ता रमेश दलाल ने बताया कि इस बैठक को एक सप्ताह बीत चुका है लेकिन स्थिति जस की तस है। चरखी दादरी के डीसी मुकेश आहूजा से मंगलवार को किसानों के प्रतिनिधिमंडल की बैठक हुई थी। इसमें स्थिति स्पष्ट नहीं कर पाए। इस ढुलमुल रवैये के चलते जींद और चरखी दादरी जिले के 280 किसानों ने बुधवार सुबह राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर सामूहिक आत्मदाह की अनुमति मांगी है।
रमेश दलाल ने बताया कि सरकार और प्रशासन के ढीले रवैये से किसानों में रोष है। उन्होंने बताया कि सीएम को भी बुधवार को पत्र लिखा गया है और इसमें 48 घंटे में थ्री-जी अवार्ड राशि में संशोधन न होने पर रेल व नहरी पानी रोकने की चेतावनी दी गई है। रमेश दलाल ने बताया कि किसान वीरवार को इस संबंध में बैठक आयोजित करेंगे और बैठक के दौरान रेल व पानी रोको आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने बताया कि अल्टीमेटम पूरा होने के बाद किसान प्रदेश में 29 जगहों पर पंजाब को जाने वाली ट्रेनें रोक देंगे। चरखी दादरी धरना संयोजक विनोद मौड़ी ने बताया कि रामनगर के समीप बुधवार को भी धरना जारी रहा और किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया।
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