चरखी दादरी। प्रशासन और पुलिस विभाग समसपुर गांव में पुलिस लाइन बनाने पर विचार कर रहा है लेकिन गांव को यह मंजूर नहीं है। ग्रामीण इसके विरोध में उतर आए हैं और उन्होंने प्रशासन के इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है। बुधवार को गांव की जरनल बाडी ने इस संबंध में उपायुक्त मुकेश आहूजा को ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि पूरा गांव लघु सचिवालय, मेडिकल कॉलेज या अन्य शिक्षण संस्थान खोलने के लिए जमीन देने को तैयार है लेकिन पुलिस लाइन बनाने के खिलाफ है। जरनल बाडी सदस्यों ने इस फैसले पर यू-टर्न न लेने पर धरना शुरू करने की चेतावनी भी जिला प्रशासन को दी है।
चरखी दादरी में जिला मुख्यालय की तर्ज पर सभी सुविधाएं दो वर्ष से अधिक समय बीतने पर भी नहीं मिल पाई है। लघु सचिवालय, खेल स्टेडियम, पुलिस लाइन व जेल निर्माण प्रोजेक्ट अभी कागजी प्रक्रिया में ही उलझे है। प्रशासन समसपुर गांव की जमीन पर जिला पुलिस लाइन बनाने की प्लानिंग कर रहा है लेकिन ग्रामीणों को यह मंजूर नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने लघु सचिवालय निर्माण के लिए 55 एकड़ जमीन प्रशासन को देने का प्रस्ताव पास किया था लेकिन यहां वो पुलिस लाइन नहीं बनने देंगे।
बुधवार को उपायुक्त से मिलने पहुंचे पूर्व सरपंच सुरेंद्र, सरपंच प्रतिनिधि सोनू, मेंबर सुरेंद्र, पप्पल कोच, महेंद्र कोच, जिले सिंह, विनोद, सुरेंद्र, कालू मास्टर, पूर्व पंच रामकिशन, कृष्ण पहलवान, सुरेंद्र, हंसराज, सतबीर, कृष्ण, सत्य, चंदन, रमेश, सोमबीर, भोलू, दिलबाग, रामचंद्र, रणबीर, सत्यवान, अत्तर ने बताया कि इस संबंध में गांव में प्रशासन चार पंचायतें भी करवा चुका है और सभी पंचायतों में ग्रामीणों ने पुलिस लाइन के लिए जमीन देने से इंकार कर दिया। देवेंद्र लीला समसपुर ने कहा कि इसके बावजूद अगर प्रशासन फिर से पंचायत बुलाता है तो गांव में जो भी इस मामले को लेकर तनाव पूर्ण स्थिति पैदा होगी, उसकी पूरी तरह से जिम्मेदारी सरकार व प्रशासनिक अधिकारियों की होगी। सचिवालय के निर्माण के अलावा अगर प्रशासन व सरकार इस भूमि का प्रयोग किसी भी मेडिकल कालेज के निर्माण, विश्वविद्यालय सहित शिक्षा सहित अन्य संस्थान की स्थापना के लिए प्रयोग करती है तो उसमें समसपुर के सभी ग्रामीण पूरा सहयोग करेंगे।
प्रशासन पर लगाया नाजायज दबाव बनाने का आरोप
ग्रामीणों ने बताया कि लघु सचिवालय निर्माण के लिए दी गई जमीन पर अब प्रशासन ग्राम पंचायत पर दबाव बनाकर पुलिस लाइन का निर्माण करवाना चाहता है और इसके खिलाफ गांव में रोष है। देवेंद्र लीला समसपुर ने बताया कि अगर प्रशासन दबाव बनाकर यह प्रस्ताव पारित करवाता है तो पूरा गांव महिलाओं व बच्चों के साथ धरने पर बैठ जाएगा। इसके साथ ही चुनी हुई पंचायत पर प्रशासनिक अधिकारी दबाव बनाते है तो पूरा गांव इस विषय में ग्राम पंचायत के साथ खड़ा है।
गांव पुलिस लाइन के लिए तैयार नहीं है। वीरवार को दोबारा से पंचायत बुलाई गई है ताकि ग्रामीणों को मनाया जा सके। प्रशासन पंचायत पर कोई दबाव नहीं बना रहा है। हम प्रयास करेंगे कि ग्रामीणों को राजी कर लें। - जगबीर सिंह, सरपंच, समसपुर