फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सात माह से पेंशन के लिए भटक रहे बुुजुर्ग, अधिकारी नहीं कर रहे सुनवाई

विज्ञापन
विज्ञापन
चरखी दादरी। सरूपगढ़ के बुजुर्गों को करीब सात माह से बुढ़ापा पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि 90 से अधिक बुजुर्ग पेंशन से वंचित हैं। इसके चलते उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। पेंशन लाभ से वंचित ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में वे सरपंच सहित बैंक शाखा के कई चक्कर लगा चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। अधिकारियों द्वारा मामले की अनदेखी करने पर मंगलवार सुबह बुजुर्ग उपायुक्त से मिले। डीसी के सामने बुजुर्गों ने उनकी पेंशन इमलोटा बैंक शाखा की बजाय सरूपगढ़ डाकघर से ही बंटवाने की मांग की। किसानों का कहना है कि उनके सामने ही उपायुक्त ने फोन कर तीन दिन के अंदर पेंशन बांटने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन

किसान जनहित समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुनील पहलवान एवं ब्लॉक समिति के वाइस चेयरमैन सुनील प्रतिनिधि की अध्यक्षता में गांव सरूपगढ़ के बुजुर्ग मंगलवार सुबह करीब 11 बजे लघु सचिवालय पहुंचे। बुजुर्ग नफे, मातु, रोहतास, कटार सिंह, रामभगत, धर्मबीर, उमेद, महेन्द्र, सतपाल पूर्व सरपंच, रणबीर समेत अन्य लोग उपायुक्त मुकेश आहूजा से मिले और उन्हें ज्ञापन सौंपकर मामले की जानकारी दी। बुजुर्गों ने बताया कि नवंबर 2018 तक उन्हें गांव के ही डाकघर से पेंशन एक या दो माह में मिल जाती थी। बुजुर्गों ने उपायुक्त को सौंपे ज्ञापन में आरोप लगाया कि सरपंच ने चंडीगढ़ पत्र लिखकर डाकघर से पेंशन बंद करवाकर इमलोटा बैंक शाखा में शुरू करने की मांग की। बुजुर्ग ग्रामीणों का कहना है कि इसके बाद करीब 50 बुजुर्गों की पेंशन तो इमलोटा बैंक शाखा ने शुरू कर दी लेकिन करीब 90 बुजुर्गों को इससे वंचित रखा जा रहा है। इन बुजुर्गों ने उपायुक्त को बताया कि उन्हें दिसंबर 2018 से लेकर जून 2019 तक की पेंशन नहीं मिली है। इस कारण वे मानसिक और आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। उपायुक्त ने इन बुजुर्गों को 72 घंटे के अंदर पेंशन का लाभ दिलवाने का आश्वासन दिया। उपायुक्त से मुलाकात कर बाहर आए किसानों ने बताया कि उपायुक्त ने उनके सामने संबंधित अधिकारी को फोन कर 72 घंटे में पेंशन बांटने के आदेश दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उपायुक्त ने उन्हें आश्वासन दिया है कि भविष्य में उन्हें पेंशन डाकघर से ही मिलेगी। उपायुक्त से मिले बुजुर्गों ने कहा कि सरूपगढ़ गांव से इमलोटा बैंक की दूरी करीब साढ़े तीन किलोमीटर है। ऐसे में आनाजाना सात किलोमीटर पड़ जाता है। इस अप्रोच मार्ग पर वाहन भी बहुत कम संख्या में चलते हैं। पैदल यह दूरी तय करना बुजुर्गों के लिए चुनौतीपूर्ण है। इन बुजुर्ग ग्रामीणों ने डाकघर से ही पेंशन वितरित कराने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें