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बिना संसाधन के बिजली के खंभों पर चढ़कर काम कर रहे कर्मचारी

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बहादुरगढ़। शहरी व ग्रामीण इलाकों में बिजली कर्मचारी बगैर संसाधनों के ही पोल पर चढ़कर का काम कर रहें हैं। ऐसे में जरा सी चूक कर्मचारियों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। दिल्ली-रोहतक रोड के पास कर्मचारियों द्वारा मानकों को ताक पर रखकर बिजली पोल पर चढ़कर काम किया गया। हालांकि बिजली निगम के एसई का कहना है कि लाइन स्टाफ को निगम की ओर से सभी तरह के उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं लेकिन वह इस्तेमाल नहीं करते। इस बारे में अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है और ऐसे लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। क्षेत्र में बिजली कर्मचारी अपनी जान के प्रति कितने लापरवाह हैं। यह उस समय देखने को मिला जब दिल्ली-रोहतक रोड पर 11केवी का ट्रांसफार्मर बदलते कर्मचारी बिना हेलमेट, बूट, गलब्स के पोल पर चढ़ गए। अन्य कर्मचारी भी इसी तरह काम में जुटे रहे। अधिकारियों की मानें तो बिजली कंपनी में लाइन स्टाफ को समय-समय पर सुरक्षा उपकरण मुहैया कराए जाते हैं, लेकिन धरातल पर ऐसा कुछ नजर नहीं आता। शहर में ही कर्मचारी फॉल्ट सुधारने या बिजली के अन्य काम करने के दौरान सुरक्षा उपकरण, सीढ़ी या बेल्ट का उपयोग नहीं करते। न ही डिस्चार्ज रॉड का उपयोग करते हैं। यही नहीं पूरे डिवीजन में एक भी लाइनमैन हेलमेट पहने नजर नहीं आता। बिजली निगम के एसई संदीप जैन ने बताया कि बिना सेफ्टी किट के काम करवाने वाले ठेकेदार को नोटिस देकर जवाब मांगा जाएगा। उन्होंने बताया कि लाइन पर काम करते वक्त सीढ़ी, हेलमेट, दस्ताने, सेफ्टी बेल्ट, डिस्चार्ज रॉड, प्लास, टेस्टर, रैनकोट, जूते, गर्म कपड़े। उपकरण करंट रोधी हो।
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लेबर को नहीं है पोल पर चढ़ने का अधिकार
बिजली निगम के अधिकारी ने बताया कि नियमानुसार ठेकेदार के लेबर को बिजली के पोल पर चढ़ने का अधिकार नहीं है। चाहे लाइन बंद हो या चालू। उसे केवल लाइनमैन के सहयोगी के रूप में रखा जाता है। इसके बावजूद कई बार थोड़े लालच या फिर लाइनमैन से संबंध के चलते लेबर लाइन सुधार कार्य के लिए पोल पर चढ़ जाते हैं।
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