बहादुरगढ़। दिल्ली-रोहतक रोड स्थित दयानंद नगर में पिछले 12 दिनों से दिन में बिजली नहीं आ रही। इससे लोग परेशान हैं। वहीं बिजली निगम के अधिकारियों ने कहा कि ट्रांसफार्मर ओवरलोडिंग के कारण काम करना बंद कर देता है। इससे लोगों को समस्या हो रही है। शुक्रवार को लोगों ने बिजली निगम के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। समाजसेवी पप्पू दलाल ने बताया कि कॉलोनी में करीब 80 घर हैं। कॉलोनी के बाहर बैंक ऑफ बड़ौदा, भारतीय स्टेट बैंक, विजया बैंक, आंध्रा बैंक के अलावा कोचिंग सेंटर, सुपर बाजार सहित कई दुकानें हैं। कोचिंग के मैनेजर विनोद ने बताया कि उनकी कोचिंग में 100 से ज्यादा बच्चे हैं। लाइट न आने की वजह से वह जेनरेटर का लगाकर काम चला रहे हैं। बिजली के बिल से ज्यादा जेनरेटर का किराया व उसके डीजल में खर्च हो रहा है। कॉलोनी के बाहर मौजूद बच्चों के स्पेशलिस्ट डॉ. नारंग के क्लीनिक में हर रोज 150 से ज्यादा मरीज आते हैं। हालांकि उनके क्लीनिक में 250 किलोवाट का सोलर पैनल लगा हुआ है, लेकिन सोलर से एसी और पंखा सही से काम नहीं कर रहा। इस वजह से क्लीनिक में आने बच्चों को परेशान होना पड़ता है। विजया बैंक के मैनेजर गौतम कुमार ने बताया कि बिजली सुचारु रूप से आने की वजह से बैंक का काम प्रभावित हो रहा है। इससे ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा। जनरेटर के सहारे बैंक का चल रहा।
लोग बोले, नहीं होती सुनवाई
इलाके में दिन में लगभग आधे घंटे बिजली आती है। उसमें भी वोल्टेज कम रहता है। बिजली व्यवस्था ने सभी की नींद उड़ा दी है। कई बार बिजली निगम के दफ्तर पहुंचकर लाइट न आने की शिकायत की। इसके बाद भी कोई सुनता नहीं।
पप्पू दलाल, समाजसेवी
इलाके में बिजली न आने की वजह से इनर्वटर सही से चार्ज नहीं हो पा रहा। मोबाइल भी रिश्तेदार व दोस्त के घर जाकर चार्ज करना पड़ रहा। विभाग में जाकर शिकायत की तो वहां से भी कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला।
धर्मवीर, मोटर शॉप मालिक, दयानंद नगर।
मेरी क्लीनिक में बच्चे ज्यादा संख्या में आते हैं। जो लाइट न आने की वजह से उन्हें परेशानी होती है। मैंने क्लीनिक में सोलर पैनल लगाया हुआ है, लेकिन उससे पंखा और एसी सही नहीं चल पाता। स्थानीय पार्षद को इस बारे में शिकायत की थी। हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही।
डॉ. नारंग, दयानंद नगर।
मैंने कोचिंग किराये पर ले रखी है। लाइट न आने की वजह से जेनरेटर का इस्तेमाल करना पड़ रहा। हर रोज 1000 से 1500 तक डीजल इस्तेमाल हो रहा। विभाग की उदासीनता से हमारी जेब ढीली हो रही है।
विनोद, कोचिंग मैनेजर, दयानंद नगर।
मामला मेरे संज्ञान में है। दयानंद नगर का ट्रांसफार्मर बीएसएनएल कंपाउंड के अंदर रखा हुआ है। ट्रांसफार्मर ओवरलोडिंग के कारण काम करना बंद कर देता है। इससे लोगों को समस्या हो रही थी। कर्मचारियों को ट्रांसफार्मर ठीक करने के लिए लगा दिया गया है। जल्द ही बिजली सुचारु रूप से चालू हो जाएगी।
उमेद सिंह, एसडीई, बिजली बोर्ड, सिटी-टू, बहादुरगढ़।