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26 करोड़ के आरओबी की लाइटें खराब, दिन ढलते ही अंधेरा छाने से हादसों का अंदेशा

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चरखी दादरी। रावलधी-भिवानी लिंक रोड पर 26 करोड़ खर्च कर बनाया गया आरओबी पीडब्लयूडी की उपेक्षा का शिकार है। पिछले लंबे समय से ओवरब्रिज की लाइटें खराब पड़ी हैं लेकिन पीडब्ल्यूडी ने इन्हें दुरुस्त कराने की जहमत नहीं उठाई है। इसके चलते सूरज छिपने के बाद आरओबी पर अंधेरा पसर जाता है । वाहन चालकों को दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं। यह व्यस्त मार्गों में से एक है और यहां से प्रतिदिन आठ से दस हजार छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। वहीं, विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कुछ दिन पहले लाइटें दुरुस्त की गई थीं। दोबारा फॉल्ट आने से लाइटें खराब हैं और इन्हें एक-दो दिन में ही ठीक करवा दिया जाएगा।
सीएम मनोहर लाल खट्टर ने 14 अक्तूबर 2017 में 26 करोड़ की लागत से बने इस आरओबी का उद्घाटन कर इसे जनता को समर्पित किया था। इस आरओबी का निर्माण गत कांग्रेस राज में शुरू हुआ था। दो-तीन बार इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की डेडलाइन भी बढ़ानी पड़ी थी। वहीं, इस आरओबी से यातायात शुरू होने के बाद शहर से ट्रैफिक का दबाव 40 फीसदी तक कम हो गया। आरओबी पर सौंदर्यीकरण के लिए लगाई गई 30 लाइटें पिछले कई दिनों से बंद पड़ी हैं और इसके चलते शाम होते ही आरओबी अंधेरे में डूब जाता है। ऐसे में कोई बड़ा हादसा यहां हो सकता है लेकिन विभागीय अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। वहीं, रात के समय दुपहिया या छोटे वाहन चालकों को यहां से गुजरने में भारी परेशानियां होती हैं। इस मार्ग से शाम के समय काफी संख्या में भारी वाहन गुजरते हैं और इसके चलते दुपहिया वाहन चालकों को सामने से तेज रोशनी पड़ने पर परेशानी होती हैं। यहां से गुजरने वाले दुपहिया वाहन चालक संदीप अनुराग, मोनू, योगेश आदि का कहना है कि विभाग की अनदेखी के चलते रात के समय ओवरब्रिज पर अंधेरा छाया रहता है।
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नजर नहीं आता मोड़, ओवर टेक में रहता है खतरा
लिंक रोड पर बने आरओबी की लंबाई 740 मीटर है और बीचोंबीच में इसमें एक मोड़ भी है। रात के समय यह मोड़ सामने से तेज लाइट पड़ने पर दुपहिया वाहन चालक को नजर नहीं आता और ऐसे में हादसा होने की संभावना बनी रहती है। वहीं, रात के समय अंधेरा छाया रहने से यहां ओवरटेक करना भी वाहन चालक के लिए खतरे से खाली नहीं है।
चार से पांच हजार भारी वाहन गुजरते हैं प्रतिदिन
इस लिंक मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव काफी है। यहां से प्रतिदिन चार से पांच हजार भारी वाहन चालक गुजरते हैं। रोहतक, भिवानी, लोहारू, नारनौल व झज्जर की तरफ से आने वाले वाहन चालक इस मार्ग से गुजरते हैं। वहीं, 1500 से दो हजार दुपहिया वाहन चालक भी प्रतिदिन यहां से गुजरते हैं। इस मार्ग पर गड्ढे भी बने हुए हैं तो हादसों का सबब बन सकते हैं।
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.बाईपास आरओबी लाइटें कुछ समय पहले हमने ठीक करवा दी थी। अगर अब लाइटें बंद पड़ी हैं तो इसकी जांच कराई जाएगी। कोई फॉल्ट अगर मिलता है तो इसे दुरुस्त करवाकर एक-दो दिन में ही लाइटें चालू करवा दी जाएंगी।
सुरेंद्र कुमार, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी
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