चरखी दादरी। एनएच-152 डी के लिए अधिग्रहीत जमीन का मुआवजा बढ़ाने की मांग को लेकर 93 दिन से धरने पर बैठे किसानों ने मंगलवार को लघु सचिवालय का घेराव करने के लिए शहर की तरफ कूच किया। किसान नगर परिषद कार्यालय के पिछली तरफ ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को खड़ा करने के बाद प्रदर्शन करते रोज गार्डन पहुंचे और सकारात्मक आश्वासन मिलने तक डेरा डालने का एलान किया। जानकारी मिलते ही प्रशासन ने तीन बार किसानों को वार्ता के लिए आमंत्रित किया लेकिन किसानों ने उनकी बात ठुकरा दी। इसके बाद डीसी और एसपी मौके पर पहुंचे। शाम तक किसानों और प्रशासन में बातचीत होती रही। इसके बाद किसान डीसी के आश्वासन से संतुष्ट नजर आए।
एनएच-152 डी ग्रीन डोर प्रोजेक्ट में जिले के 17 गांवों के किसानों की भूमि का अधिग्रहण भी होना है। किसान निर्धारित मुआवजे को कम बताकर दो करोड़ प्रति एकड़ की मांग कर रहे हैं। इस मांग को लेकर 26 फरवरी से किसान रामनगर के समीप धरना दे रहे हैं। शुक्रवार को किसानों ने एसडीएम सतबीर कुंडू को मांगे सिरे चढ़वाने के लिए सोमवार शाम तक का समय दिया था। ऐसा नहीं होने की सूरत में किसानों ने मंगलवार को लघु सचिवालय का घेराव करने का एलान किया था। इसी क्रम में मंगलवार सुबह करीब दस बजे किसान ट्रैक्टरों में सवार होकर धरनास्थल से दादरी के लिए रवाना हुए। वहीं, किसानों को पूर्व प्रस्तावित कार्यक्रम को देखकर जिला प्रशासन अलर्ट रहा। एसपी स्मिति चौधरी ने शहर के बाहरी नाकों के अलावा मुख्य चौराहों और लघु सचिवालय की सुरक्षा भी बढ़ा दी।
इसके अलावा करीब 200 पुलिस कर्मचारी रोज गार्डन के समीप भी तैनात किए गए। करीब पौने 11 बजे किसान ट्रैक्टरों में सवार होकर नगर परिषद कार्यालय के पीछे खाली पड़ी जगह पर एकत्र हुए। यहां अपने वाहन खड़े करने के बाद उन्होंने पैदल ही रोज गार्डन की तरफ कूच कर दिया। रोज गार्डन पहुंचने के बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं बाढड़ा तहसीलदार मुकेश कुमार व डीएसपी रमेश कुमार किसानों के बीच पहुंचे। तहसीलदार ने किसानों को डीसी मुकेश आहूजा के साथ बैठक करने का निमंत्रण दिया। इसे किसानों ने ठुकरा दिया और डीसी को ही रोज गार्डन बुलाने की मांग की।
इस दौरान किसानों ने लघु सचिवालय तक प्रदर्शन करने की अनुमति भी मांगी लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों की तरफ से अनुमति नहीं दी गई। किसानों के वार्ता का निमंत्रण अस्वीकार करने के बाद अधिकारी लौट गए। इसके बाद डीएसपी रमेश कुमार एसडीएम के साथ रोज गार्डन में वार्ता कराने का प्रस्ताव लेकर किसानों के पास पहुंचे। इससे किसान भड़क उठे और गहमागहमी होने पर डीएसपी भी लौट गए। इसके बाद किसानों के तेवरों व मांग सहित रोज गार्डन के हालातों की जानकारी डीसी मुकेश आहूजा को दी गई। इसके करीब एक घंटे बाद डीसी और एसपी स्मिति चौधरी रोज गार्डन पहुंचे। दोनों अधिकारी यहां 12 मिनट रुके और इस दौरान डीसी ने किसानों को मंगलवार शाम पांच बजे बैठक में उनकी समस्याएं सुनने का आश्वासन दिया। इसे किसानों ने स्वीकार कर लिया और इसके कुछ देर बाद अधिकारी और किसान यहां से लौट गए। वहीं, तीन माह बाद धरनास्थल पर एंबुलेंस भेजने पर भी किसानों ने सवाल उठाए हैं।
12 ट्रैक्टरों और तीन गाड़ियों में सवार होकर आए किसान, ट्रैफिक हुआ प्रभावित
किसान ट्रैक्टरों और गाड़ियों में सवार होकर दादरी शहर पहुंचे। किसानों ने अपने 12 ट्रैक्टर और तीन गाड़ियां रोज गार्डन से कुछ दूर एक खाली जगह पर खड़ी कर दी। प्रदर्शनकारियों में महिलाओं की तादाद पुरुषों से अधिक रही। मंगलवार के प्रदर्शन की कमान भी महिलाओं के हाथ में दी गई थी। किसानों के रोज गार्डन के अंदर पहुंचने तक कुछ देर के लिए बस स्टैंड रोड की ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित रही।
रावलधी नाके पर पुलिस कर्मियों से उलझे किसान
धरना संयोजक समिति पदाधिकारी विनोद मौड़ी व अनूप फौगाट ने बताया कि कुछ किसान ट्रैक्टरों में सवार होकर रावलधी की तरफ से दादरी शहर आ रहे थे। रावलधी टी-प्वाइंट पर किसानों के वाहनों को रोका गया। ट्रैक्टर रोकने से किसान वहां तैनात पुलिस कर्मियों से उलझ पड़े। वहां करीब पांच मिनट तक हंगामा हुआ और पुलिस कर्मियों के ट्रैक्टर ले जाने की अनुमति देने के बाद ही मामला शांति हुआ।