बहादुरगढ़। गुजरात के सूरत शहर में चार मंजिला भवन में हुए हादसे का जिक्र शहर में दिन भर लोगों की जुबां पर रहा। बहादुरगढ़ में कई स्थानों पर बनी बड़ी बिल्डिंगों में शिक्षण संस्थान और अन्य प्रतिष्ठानों में चलाए जा रहे हैं, लेकिन इन संस्थानों में फायर सेफ्टी सिस्टम नहीं लगे हुए हैं। इस तरह सूरत जैसा हादसा बहादुरगढ़ में कभी भी हो सकता है। अधिकारियों की अनदेखी लोगों की जान पर भारी पड़ सकती है।
जब से बहादुरगढ़ में मेट्रो की सिटी बनी है उसके बाद से ही शहर में बड़ी-बड़ी बिल्डिंग बनाने का दौर शुरू हुआ है, लेकिन बिल्डिंग मालिकों की ओर से इनमें आग से बचाव के पर्याप्त संसाधन नहीं लगाए जा रहे। ऐसे में कोई भी बड़ा हादसा किसी भी समय हो सकता है तो इसमें किसकी जिम्मेवारी होगी। इस बारे में न तो प्रशासनिक अधिकारी और न ही फायर ब्रिगेड के अधिकारी इस दिशा में कोई कार्रवाई कर रहे हैं। दिल्ली से सटा बहादुरगढ़ औद्योगिक क्षेत्र के हब में अपनी पहचान बनाए हुए है। अब यहां पर मेट्रो चलने के बाद दिल्ली की तर्ज पर लोगों ने कमाई के साधन अपनाने को लेकर बड़े-बड़े मॉल, कॉम्प्लेक्स व संस्थान बनाए हैं, लेकिन यहां पर किसी भी आपातकालीन स्थिति के दौरान उनसे सुरक्षित निकल पाने के सही से रास्ते अधिकतर बिल्डिंगों में नहीं हैं। हजारों लोग अपने कामकाज के लिए आते-जाते रहते हैं। यही नहीं शहर की कुछ प्रमुख बिल्डिंगों में शिक्षण संस्थान कई वर्षों से चल रहे हैं। इनमें हर रोज काफी संख्या में विद्यार्थी शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों से कोचिंग लेने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो इसको लेकर यहां पर कोई ध्यान न तो बिल्डिंग मालिकों की ओर से और न ही संस्थान संचालकों की ओर से दिया जा रहा है। सूरत में हुई घटना के बाद से ही बहादुरगढ़ के लोग भी सहमे हुए हैं। वे भी अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आने लगे हैं। कई छात्रों के अभिभावकों का कहना है कि जिन संस्थानों में अधिकतर विद्यार्थी व आमजन काम काज के लिए आते हैं वहां पर व्यापक प्रबंध होने चाहिए। आग की घटनाओं से बचाव को लेकर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। अग्निशमन विभाग व प्रशासन की तरफ से समय-समय पर यहां पर मॉक ड्रिल भी की जानी चाहिए। ताकि किसी भी आपात स्थिति से सावधानी बरतते हुए निपटा जा सके।
नियमों के अनुसार एनओसी दी जाती है। विभाग की ओर से सभी बिल्डिंगों व फैक्ट्रियों का फिर से सर्वे किया जाएगा। जहां कोई खामियां नजर आएगी उनके खिलाफ संबंधित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। समय-समय पर विभाग की ओर से सरकारी व निजी संस्थानों में अग्नि बचाव को लेकर एहतियात बरतने संबंधी मॉक ड्रिल भी की जाती है।
टीआर पालीवाल, अग्निशमन विभाग, बहादुरगढ़।
आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित हो, इस पर प्रशासन की ओर से पूरा ध्यान दिया जा रहा है। यदि किसी सार्वजनिक व निजी व्यवसायिक संस्थानों में आपदा प्रबंधन से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं तो उनकी जांच कराई जाएगी और जो भी नियमों की पालना करता हुआ नहीं मिलेगा तो उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
तरुण पावरिया, एसडीएम, बहादुरगढ़।