बहादुरगढ़। शहर को पेयजल सप्लाई करने वाली माइनर के टूटने के बाद लाइनपार क्षेत्र की 15 कॉलोनियों में पेयजल संकट गहरा गया। पिछले दो दिन से यहां पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। ऐसे में गर्मी के मौसम में पानी को लेकर शहरवासियों में रोष है। तीन दिन पहले जलघरों को पानी सप्लाई करने वाली बहादुरगढ़ माइनर टूट गई थी। इसके चलते नर्सरी व आसपास के क्षेत्र में काफी जलभराव हो गया था। ग्रीन बेल्ट पानी से लबालब हो गई थी। इस कारण बूस्टर टैंक तक पानी नहीं पहुंच पाया। अब लाइनपार क्षेत्र के बूस्टर नंबर 1 में पानी न होने के चलते इससे जुड़ी 15 कॉलोनियों की पेयजल सप्लाई बाधित हो गई है। गर्मी के मौसम में लोगों को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है। निजी पेयजल सप्लायरों से पानी खरीद कर पीना पड़ रहा है। यही नहीं घरेलू कार्यों के लिए भी 200 से 300 रुपये का पानी खरीदना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी सुभाष, प्रवीण, सतबीर, कृष्ण, राकेश, मोहन समेत गृहणी ज्योति, कविता, नीलम, कृष्णा व निर्मला समेत कई अन्य ने कहा कि गर्मी के इस मौसम में प्रशासन को चाहिए तो यह की हर रोज पानी सप्लाई किया जाए। लेकिन उनके क्षेत्र में तीन दिन में एक बार पानी आता है लेकिन अब पानी की सप्लाई बाधित होने से उनके रोजमर्रा के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
11 जोन में बंटी हैं कॉलोनियां
लाइनपार क्षेत्र में जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से 2 बूस्टर बनाए गए हैं। बूस्टर नंबर 1 का टैंक पिछले 3 दिन से खाली पड़ा है। इस टैंक में साढ़े 7 लाख गैलन पानी की स्टोरेज होती है। इससे लगभग 15 कॉलोनियों में पानी सप्लाई होता है। इनमें शंकर गार्डन, पटेल पार्क, सूरत नगर, हरि नगर, फ्रेंड्स कॉलोनी, वत्स कॉलोनी, 22 फुटा रोड, सुभाष नगर, कमल विहार, बिहारी कॉलोनी, विकास नगर, इंदिरा पार्क, जौहरी नगर, बहराणिया बस्ती शामिल हैं। 11 जोनों में उक्त कॉलोनियों को बांटा गया है। इनमें निर्धारित शेड्यूल के अनुसार 45 से 50 मिनट पानी की सप्लाई होती है।
माइनर की हालत है खस्ता
जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन ने बताया कि माइनर की हालत बहुत ही खराब है। अक्सर यह माइनर टूट जाती है, जिसकी वजह से शहरवासियों को पानी सप्लाई मिलने में बाधा पहुंचती है। इसके साथ ही बार-बार माइनर के टूटने से विभाग को परेशानी उठानी पड़ती है।
तीन दिन पहले यही माइनर टूट गई थी, इसको ठीक किया गया तो वह वीरवार की रात को फिर से टूट गई। शुक्रवार की दोपहर को माइनर की मरम्मत का काम पूरा करा दिया गया था। माइनर को ठीक करने के बाद पानी सप्लाई शुरू कर दी गई थी।
श्रीकिशन दहिया, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग।