चरखी दादरी। एनएच-152 डी के लिए अधिगृहीत जमीन का मुआवजा मांग रहे किसानों ने मंगलवार दोपहर चिड़िया रोड पर रोष मार्च निकाला। इन किसानों को जिला प्रशासन ने रामनगर गांव से निकलने के बाद बैरिकेट्स लगाकर रोक लिया। करीब 40 मिनट तक किसानों के प्रतिनिधिमंडल और एसडीएम में बातचीत का दौर चला। इस दौरान किसान डीसी अजय सिंह तोमर से धरना स्थल या अनाजमंडी स्थित रेस्ट हाउस में मुलाकात करने की शर्त एसडीएम के सामने रखकर लौटे गए।
ज्ञात रहे की ग्रीन कॉरिडोर के लिए अधिग्रहीत की जाने वाले जमीन का किसान 35 लाख की बजाय दो करोड़ रुपये प्रति एकड़ मुआवजा मांग रहे हैं। गत 26 फरवरी से 17 गांवों के किसानों ने इस मांग पर रामनगर और मौड़ी गांव के बीच धरना शुरू किया है। इस धरने को जिले के लगभग 80 फीसदी गांवों और विभिनन खापों सहित राजनैतिक पार्टियों का समर्थन मिल चुका है। पिछले एक सप्ताह के अंदर किसानों के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की एसडीएम और एनएचएआई अधिकारियों से दो बार वार्ता हो चुकी है। दोनों वार्ता ही विफल रही हैं। मंगलवार को किसानों ने धरने के 16वें दिन रोष मार्च निकालने और लघु सचिवालय पहुंचकर डीसी को ज्ञापन सौंपने का ऐलान कर दिया। किसानों के लघु सचिवालय पहुंचने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमल हरकत में आ गया। डीएसपी रमेश कुमार दो कंपनियों सहित रामनगर गांव के समीप पहुंचे और राधा स्वामी सत्संग घर के समीप बैरिकेट्स लगवा दिए। वहीं, एसडीएम सतबीर कुंडू और नायब तहसीलदार भी मौके पर मौजूद रहे। 12 बजकर 35 मिनट पर किसान पुलिस नाके के समीप पहुंचे तो उन्हें रोककर एसडीएम ने बातचीत की। इस दौरान समिति प्रधान अनुप सिंह, रामनगर सरपंच राजीव यादव व धरना संयोजक विनोद मौड़ी ने कहा कि डीसी दो बार किसानों को वार्ता का निमंत्रण दे चुके हैं लेकिन हर बार किसानों के साथ धोखा किया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों का प्रतिनिधिमंडल डीसी से बातचीत करने पहुंचता है लेकिन उन्हें एसडीएम से मिलवाकर समय बर्बाद किया जा रहा है। अब किसान प्रशासन के इस उदासीन रवैये को और अधिक सहन नहीं करेंगे।
बाक्स: लघु सचिवालय में डीसी से मुलाकात करने पर किसानों का इंकार
एसडीएम सतबीर कुंडू ने किसानों से बातचीत के बाद उपायुक्त अजय सिंह तोमर को मामले की जानकारी दी। इसके बाद एसडीएम ने कहा कि डीसी से लघु सचिवालय में बुधवार को किसानों का प्रतिनिधिमंडल मुलाकात कर सकता है। इस पर किसान नेताओं ने स्पष्ट इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि डीसी से धरनास्थल पर या फिर नई अनाज मंडी के किसान रेस्ट हाउस में ही बातचीत की जाएगी।
बाक्स: प्रशासन ने वीडियोग्राफी भी कराई
किसानों के धरनास्थल से कूच करते ही 100 से अधिक पुलिस कर्मियों को नाके पर तैनात किया गया। इस दौरान सिटी थाना प्रभारी दलबीर सिंह भी मौजूद रहे। प्रशासन ने बैरिकेट्स से आगे जाने की अनुमति किसानों को नहीं दी और इसके विरोध में किसानों ने नारेबाजी भी की। वहीं, प्रशासन ने पूरे प्रकरण की पांच फोटोग्राफर से वीडियोग्राफी भी कराई।
वर्जन::
किसानों को मंगलवार शाम या बुधवार सुबह तक प्रशासन जगह फाइनल कर बता देगा। किसानों की मांग जिला प्रशासन सरकार तक पहले ही पहुंचा चुका है।
सतबीर कुंडू, एसडीएम
किसान डीसी से धरनास्थल या किसान रेस्ट हाउस में ही मिलेंगे। हमने एसडीएम को दो टूक बात कह दी है। किसान शांतिपूर्वक रोष प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन बैरिकेट्स लगाकर उन्हें प्रशासन ने रोक दिया।