अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर। रविवार की छुट्टी के बावजूद भी एनएचएम कर्मचारी सामान्य अस्पताल परिसर में धरने पर बैठे रहे। एनएचएम कर्मी अपनी मांगों को लेकर 13 दिन से हड़ताल पर बैठे हैं। हड़ताल पर बैठेे कर्मचारियों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है और स्वास्थ्य सेवाएं भी लगातार प्रभावित चल रही हैं। कर्मचारियों का एक ही कहना है उनकी मांगें जिस दिन सरकार पूरी कर देगी उसी दिन वे काम पर लौट आएंगे। रविवार को धरने की अध्यक्षता करते हुए स्टाफ नर्स मुकेश ने कहा कि अब की बार राज्य से यह भी साफ हो चुका है कि जब तक सरकार एनएचएम की मांगों को पूरा नहीं करती तब तक हड़ताल वापस लेने का कोई मतलब ही नहीं होता। राज्य प्रधान नवीन ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह हड़ताल मांगे पूरी होने तक जारी रहेगी। सरकार रोजाना नए-नए हथकंडे अपना रही है, जिससे कर्मचारियों पर कोई असर नहीं पड़ता। धरने को जिला प्रधान मंजूरेखा आर्य ने भी संबोधित किया और कहा कि सरकार को कर्मचारी हितों को देखते एनएचएम कर्मचारियों की मांगों को तुरंत प्रभाव से पूरा करना चाहिए। वहीं दूसरी और विभाग की तरफ से तीन कर्मचारी नेताओं को टर्मिनेट किया जा चुका है और रेफरल ट्रांसपोर्ट के 45 कर्मचारियों को सोमवार को टर्मिनेट किया जा सकता है। उनकी सेवाएं समाप्त करने के लिए दिए गए नोटिस की अवधि शुक्रवार शाम को तीन बजे के बाद समाप्त हो गई थी। लेकिन इनमें से एक भी कर्मचारी काम पर नहीं लौटा है। वीरवार को टर्मिनेट किए गए कर्मचारियों में जिला प्रधान मंजू रेखा, जिला उप प्रधान नवनीन, महासचिव गुलशन शामिल हैं। जबकि एंबुलेंस सेवाओं को लेकर 21 ईएमटी और 24 चालकों को नोटिस जारी किए गए थे। हड़ताल में ड्रावर कृष्ण कुमार, डॉ. रेखा, डॉ. भूपेंद्र, डॉ. रोबिन, डॉ. प्रदीप, डॉ. संदीप वत्स, डॉ. अजय, आचार्य बलदेव, शमशेर कोषाध्यक्ष, संजय सलाहकार, प्रेस सचिव संदीप जांगड़ा व अन्य साथी मौजूद रहे।
एनएचएम के कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान प्रभावित हुई एंबुलेंस व्यवस्था को बहाल करने के लिए पांच चालक डीसी रेट पर लगाए गए हैं। जबकि कुछ नियमित चालकों के सहयोग से जिला में 9 एंबुलेंस की गाड़ियां चलवाई जा रही हैं। कर्मचारियों के टर्मिनेशन को लेकर सोमवार को फैसला लिया जाएगा।
डॉ. कुलदीप सिंह, प्रभारी एनएचएम झज्जर।