चरखी दादरी। शहर की कालोनियों में चल रहीं दुग्ध डेयरियां सीवर ब्लॉकेज का प्रमुख कारण बन रही हैं। नगर परिषद की इन्हें शहर से बाहर शिफ्ट कराने की प्लानिंग ठंडे बस्ते में है और इसका खामियाजा पूरा शहर भुगत रहा है। पार्षदों के शिफ्टिंग की मांग पर भी कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। वहीं, पार्षदों के रोष को देखते हुए अब चेयरमैन संजय छपारिया ने ईओ विजयपाल यादव को डेयरियां शिफ्ट कराने के आदेश दिए हैं। इतना ही नहीं चेयरमैन ने ईओ को डेयरी संचालकों को नोटिस भेजने के निर्देश देते हुए कार्रवाई की रिपोर्ट भी तलब की है। शहर में इस समय करीब 35 दुग्ध डेयरियां चल रही हैं जिनका मलमूत्र सीधा सीवर लाइनों में बहाया जा रहा है और इसके चलते लाइनें ब्लॉक रहती हैं।
शहर में स्थित पशु डेयरियों से निकलने वाला मल एवं कचरा सीवर ब्लॉकेज का मेन कारण बन रहा है। शहरवासियों ने सीवर ब्लॉकेज की समस्या से स्थायी रूप से निजात दिलाने के लिए इन डेयरियों को शहर से बाहर शिफ्ट किए जाने की मांग उठाई है। शहर में इस समय करीब 35 दुग्ध डेयरियां चल रही हैं। शहर में हल्की बारिश होने से ही जगह-जगह जलभराव हो जाता है जिसका मुख्य कारण सीवर व नालों का ब्लॉक होना है। सीवर ब्लॉक का मुख्य कारण शहर में स्थित दुग्ध डेयरियां भी हैं। वार्ड के लोगों ने बताया कि डेयरियों से कूड़े व गोबर को नालियों में डाल दिया जाता है जिससे नाले व सीवर जाम हो जाते हैं। दूषित पानी सड़क व गलियों में जमा हो जाता है। शहर के पार्षदों ने बताया कि शहर में करीब 35 दुग्ध डेयरियां हैं और इनमें कुछ डेयरियां तो 20 साल पुरानी हैं जो करीब सभी रिहायसी इलाके में है । इन पार्षदों ने बताया कि इन डेयरियों को शहर से बाहर शिफ्ट करने की मांग कई वर्षों से उठाते रहे हैं लेकिन आज तक कोरे आश्वासन ही मिले हैं।
ाक्स:== पार्षद बोले: शिफ्टिंग के लिए अधिकारी नहीं गंभीर
डेयरी का कचरा और गोबर को कही निर्धारित स्थान पर न डालने की बजाय नालियों में डाल दिया जाता है जो बिल्कुल ही गलत है। कूड़ा नालियों के रास्ते सीवर में चला जाता है जिसके कारण सीवर ब्लॉक हो जाता है।
विरेंद्र पप्पू, पार्षद
- सीवर ब्लॉक का एक मुख्य कारण शहर में चल रहीं दुग्ध डेयरियां हैं। इन डेयरियों में पशुपालक सफाई कर कूड़ा व गोबर आदि को नालियों में पानी के जरिये बहा देते हैं। नालियों में जमा गोबर से सीवर ब्लॉक हो जाते हैं।
रोहित राजपूत, पार्षद
- डेयरियों को शहर से बाहर शिफ्टिंग करने से शहर के सीवर ब्लॉक नहीं होंगे और इस समस्या से स्थायी रूप से राहत मिल सकेगी। डेयरियों को बाहर शिफ्ट करने की मांग कई बार कर चुके हैं लेकिन इस ओर अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे।
मनोज वर्मा, पार्षद
सीवर ब्लॉक का मुख्य कारण डेयरियों से निकलने वाला मल है। हल्की बारिश होने पर ही शहर में जलभराव हो जाता है। इन डेयरियों को शहर से बाहर शिफ्ट करने से ही समस्या दूर हो सकती है। नप गंभीरता से नहीं ले रहा है। जयसिंह लांबा, पार्षद प्रतिनिधि
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यह शिकायत उनके संज्ञान में आई है। शहर में स्थित डेयरी संचालक कचरा व गोबर सीवर नालियों में डाल देते है जिससे सीवर लाइन जाम रहती है। जल्द ही डेयरी वालों को नोटिस भिजवाए जाएंगे। इस बारे में ईओ को मैंने आठ फरवरी को ही पत्र लिख दिया है।