चरखी दादरी। सिविल सर्जन डॉ. वीरेंद्र यादव ने शहर के नागरिक अस्पताल में स्पर्श कुष्ठ रोग निवारण के लिए बुधवार को वर्कशॉप का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोग कोई छूत की बीमारी नहीं है। न ही कोई अभिशाप है। इस रोग की दवाइयां सभी सरकारी अस्पतालों में मुफ्त दी जाती हैं। एमडीटी दवाई लेने से कुष्ठ रोग पूरी तरह से ठीक हो जाता है। पिछले साल जिला चरखी दादरी में पांच कुष्ठ रोगी सामने आए थे जिनका इलाज पूर्ण हो चुका है और इस वर्ष दो कुष्ठ रोगी सामने आए हैं जिनका इलाज कुष्ठ रोग निवारण समिति द्वारा किया जा रहा है।
सीएमओ यादव ने सभी बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से आह्वान किया वो अपने कार्य क्षेत्र में डेंगू, मलेरिया, चिकुनगुनिया, क्षय रोग के साथ-साथ सात अक्तूबर तक विशेष पखवाड़े में स्पर्श कुष्ठ रोग के संभावित मरीजों की भी विशेष निगरानी करें। इस मौके पर सिविल सर्जन ने नागरिकों से भी आग्रह किया कि वे कुष्ठ रोग के संभावित मरीजों को जांच और इलाज के लिए सरकारी अस्पताल भेजें ताकि इस बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सके। उन्होंने कहा कि इसे जागरूकता अभियान बनाकर जन-जन तक पहुंचाने का काम भी करें। इसके बाद सिविल सर्जन ने नागरिक अस्पताल में उपचाराधीन मरीजों व तीमारदारों को खिचड़ी और हलवा देकर खुशियों की खिचड़ी मुहिम भी शुरू की। इसके तहत मरीज को सामाजिक संगठनों के सहयोग से निशुल्क खिचड़ी वितरित की जाएगी। इस मौके पर डॉ. संजय गुप्ता, डॉ. मुनेश, डॉ. चंचल, अश्वनी कुमार असिस्टेंट, ब्रह्माकुमारी बिमला, प्रेमलता ,जगदीश जाखड़, संजय रामफल, लीलू जाखड़ आदि उपस्थित थे।