अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
रोहद टोल प्लाजा पर टोल फीस की वसूली पर वीरवार को टोल कंपनी और आरटीए आफिस के कर्मचारी आमने-सामने हो गए। पर्ची काटने पर आरटीए आफिस की टीम ने टोल आफिस के बाहर खड़ी एंबुलेंस और टो-क्रेन को इंपाउंड कर दिया। सीसीटीवी फुटेज में कर्मचारी टोल के बाहर से ये दोनों वाहन उठाते दिखाई दे रहे हैं, जबकि चालान में दोनों वाहनों की लोकेशन अलग दिखाई गई है। टोल मैनेजर और आरटीए आफिस के टीएसआई की वायरल हुई ऑडियो रिकार्डिंग भी मामले की पोल खोल रही है।
दरअसल, रोहद टोल प्लाजा के कर्मचारियों ने वीरवार सुबह आरटीए दफ्तर के कर्मचारियों से टोल टैक्स वसूला था। आरटीए आफिस के अधिकारियों को यह नागवार गुजरा। अधिकारियों ने टीम के साथ रोहद टोल के बाहर खड़ी एंबुलेंस और टो क्रेन को उठा लिया। दोनों वाहनों को उठाकर सांपला के पास खड़ा कर दिया और उनका चालान भी कर दिया।
ये ऑडियो वायरल
टोल मैनेजर को कंपनी के वाहनों के चालान होने की जानकारी मिली तो उन्होंने टीएसआई जसबीर सिंह से बात की। फोन पर आरटीए आफिस के टीएसआई ने मैनेजर को कहा कि तुम्हारे आदमियों ने हमारे आदमी की पर्ची काट दी। तो ना चाहते हुए भी हमें चालान करना ही पड़ा। बातचीत के ऑडियो से साफ है कि यह चालान किस तरह किया गया।
क्या कहते हैं टोल मैनेजर
टोल मैनेजर बिजेंद्र तिवारी ने बताया कि नेशनल हाईवे अथारिटी के नियमों के हिसाब से आरटीए दफ्तर के कर्मचारियों के निजी वाहनों को टोल से छूट नहीं है, लेकिन इसके बावजूद उनके साथ आरटीए आफिस की तरफ से धक्केशाही की जाती है। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस और टो क्रेन इमरजेंसी वाहन हैं। बावजूद इसके उन्हें बिना टोल अधिकारियों को बताए उठा लिया गया। उन्होंने बताया कि चालान पर्ची पर एंबुलेंस की लोकेशन आसौदा टोडरान दिखाई गई। जबकि टो-क्रेन को सांपला दिखाया गया। जबकि सीसीटीवी में साफ है कि किस तरह कर्मचारियों को धमकाकर जबरदस्ती गाड़ियां उठाई गई है। उन्होंने इस पूरे मामले में प्रशासनिक अधिकारियों से कार्यवाही की मंाग की है।
क्या कहते हैं आरटीए अधिकारी
उधर, सहायक आरटीए अधिकारी जगबीर और टीएसआई जसबीर का कहना है कि दोनों वाहनों के कागजात पूरे नहीं थे और रोड पर पार्क किए हुए थे इसलिए उनका चालान किया गया है। टीएसआई जसबीर का कहना है कि ये कार्यवाही पर्ची काटने के विवाद में नहीं की गई है।