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पेयजल समस्या : आधी तैयारी के साथ बैठक में पहुंचे एक्सईएल, लगाई लताड़

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पेयजल समस्या : आधी तैयारी के साथ बैठक में पहुंचे एक्सईएल, लगाई लताड़
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
शहर ही नहीं इस समय जिले में पेयजल संकट गहराया हुआ है। इससे प्रशासनिक अमला भी अच्छी तरह परिचित है। बुधवार को जिले में पेयजल और सीवरेज संकट को लेकर डीसी ने तमाम विभागीय अधिकारियों की पहली जिला स्तरीय डीडब्ल्यूएसएम (डिस्ट्रिक वाटर एंड सेनीटेशन मीटिंग) ली। बैठक में जन स्वास्थ्य विभाग की लचर कार्यशैली की पोल खुली। यहां तक की मीटिंग का जो एजेंडा जन स्वास्थ्य विभाग को भेजा गया था, उस पर विभाग के एक्सईएन की तैयारियां आधी अधूरी ही मिली। जब डीसी ने पेयजल और सीवरेज समस्या गहराने व लंबित पड़े प्रोजेक्टों पर सवाल-जवाब किए तो एक्सईएन हक्का-बक्का रह गए। डीसी-एडीसी के सामने एक्सईएन न तो जिले में क्रियान्वित सभी प्रोजेक्ट के बारे में बता पाए और न ही पेयजल-सीवरेज समस्या के स्थायी समाधान का कोई विकल्प बता पाए। इस लापरवाही पर डीसी ने लताड़ लगाकर अगले बुधवार को इस मसले पर दोबारा से रिव्यू मीटिंग करने के निर्देश बैठक में मौजूद तमाम अधिकारियों को दिए। इसके अलावा डीसी ने स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के साथ-साथ सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की रिपोर्ट भी तलब की है। इस रिपोर्ट में संबंधित विभाग को पेयजल संकट से त्रस्त स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों की सूची तैयार कर जन स्वास्थ्य विभाग को थमानी होगी। इसके लिए मंगलवार तक का समय डीसी ने दिया है और इसकी एक प्रति डीसी कार्यालय भी विभागाध्यक्षों को भेजनी पड़ेगी।
बता दें कि इस बैठक से पहले डीडब्ल्यूएसएम की बैठक भिवानी जिला मुख्यालय पर होती थी। पहली दफा डीडब्ल्यूएसएम की बैठक दादरी में आयोजित की गई। बुधवार सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई इस बैठक की अगुवाई डीसी विजय कुमार सिद्प्पा ने की। इसमें जन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की पोल खुलती नजर आई। डीसी विजय कुमार सिद्प्पा ने जब विभाग के एक्सईएन से सवाल-जवाब करने शुरू किए तो वो अधूरी तैयारियों के चलते बंगले झांकते नजर आए। डीसी के सवालों पर उन्होंने कुछ प्रोजेक्ट की जानकारी उनके पास न होने की बात कह डाली। इससे खफा होकर डीसी ने उन्हें अगली बैठक में पूरी तैयारियों के साथ आने की नसीहत दे डाली। साथ ही डीसी ने अलग-अलग विभागों द्वारा गिनवाईं गई पेयजल समस्याओं पर जन स्वास्थ्य विभाग को आड़े हाथों लिया। डीसी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में जहां भी पेयजल व सीवरेज संबंधित समस्याएं हैं उनका तत्परता से समाधान किया जाए। मीटिंग के एजेंडे अनुसार डीसी ने जब हाल ही में चल रहे प्रोजेक्टों की रिपोर्ट तलब की तो एक्सईएन के जवाब से डीसी से कतई संतुष्ट नजर नहीं आए। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने डीसी को बूस्टिंग स्टेशनों से शहर में सप्लाई होने वाले पानी के सैंपलों की भी जानकारी दी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पेयजल सप्लाई के अलावा बूस्टिंग स्टेशनों में भी क्लोरिन की मात्रा न के बराबर है। उन्होंने बताया कि बीते माह स्वास्थ्य विभाग ने आठ जगहों से पानी के सैंपल लिए थे, इनमें से सात सैंपल फेल पाए गए। डीसी ने तुरंत इस पर जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से रिपोर्ट तलब कर ली। डीसी ने एक्सईएन को लताड़ लगाकर कहा कि जो भी इस लापरवाही का जिम्मेवार है उस पर की गई कार्रवाई व पानी की गुणवत्ता सुधारने के लिए उठाए कदमों का ब्यौरा अगले तीन-चार दिन में मुहैया करवाया जाए। स्वास्थ्य विभाग के अलावा डीसी ने शिक्षा विभाग, सिंचाई विभाग, आंगनबाड़ी केंद्रों में गहराए पेयजल संकट के संबंध में भी अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की। इसके अलावा बीते करीब चार सालों से गांवों को रॉ-वाटर उपलब्ध कराने के लिए चल रहे काम की गति से भी डीसी कतई संतुष्ट नजर नहीं आए। डीसी ने कहा कि रॉ-वाटर के प्रोजेक्ट पिछले चार सालों से चल रहे हैं और इन पर करीब छह करोड़ की राशि खर्च हो चुकी है लेकिन इसके बावजूद धरातल पर कोई फायदा नजर नहीं आ रहा। इस पर एक्सईएन ने चार गांवों से जुड़े प्रोजेक्ट पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि करीब एक करोड़ के पाइप चोरी हो जाने के बाद यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
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1800-180-5678 पर करें पेयजल-सीवरेज संबंधी शिकायतें
डीसी विजय कुमार ने एक्सईएन से पेयजल-सीवरेज संबंधी समस्याओं के निस्तारण प्रक्रिया बारे भी पूछताछ की। इस पर एक्सईएन ने बताया कि विभाग ने 1800-180-5678 टोल फ्री नंबर जारी कर रखा है। एक्स्ईएन ने बताया कि अब तक इस नंबर पर कुल 107 शिकायतें आई हैं जिनमें से कुछ का समाधान भी किया जा चुका है। डीसी विजय कुमार सिद्प्पा ने जिलेवासियों से अपील कि है कि टोल-फ्री नंबर पर अपनी शिकायतें दर्ज करवा सकते हैं। अगर विभागीय अधिकारी इन्हें गंभीरता से नहीं लेते तो तुरंत इसकी जानकारी उन्हें कार्यालय में आकर दे सकते हैं।

44 आंगनबाड़ी केंद्रों में मुहैया नहीं पीने का पानी
डीसी विजय कुमार सिद्प्पा ने जब आंगबाड़ी केंद्रों की पेयजल सुविधाओं संबंधी पूछताछ की तो हालात चौंकाने वाले मिले। दादरी व बाढड़ा के 44 आंगनबाड़ी केंद्र ऐसे मिले जहां एक घूंट भी पेयजल नहीं पहुंच पा रहा है। बाढड़ा में ऐसे 25 व दादरी में 19 आंगनबाड़ी केंद्रों को ऐसे बदतर हालात हैं। डीसी ने इस पर तुरंत प्रभाव से रिपोर्ट तैयार कर उन्हें व जन स्वास्थ्य विभाग को सौंपने के निर्देश दिए।

बीईओ से मांगी पेयजल संकट से त्रस्त स्कूलों की सूची
बैठक में मौजूद बीईओ जयप्रकाश सभ्रवाल से डीसी ने स्कूलों के पेयजल हालातों पर सवाल-जवाब किए गए। इस दौरान बीईओ ने बताया कि कई स्कूलों में हालात बेहद खराब हैं और पिछले लंबे समय से इन स्कूलों में पानी नहीं पहुंचा है। बीईओ ने बताया कि जन स्वास्थ्य विभाग को वो कई दफा पत्र लिख चुके हैं लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। इस पर डीसी ने बीईओ को तुरंत प्रभाव से ऐसे स्कूलों की सूची बनाने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य विभाग वर्तमान पेयजल सप्लाई को बता रहा खतरनाक
डीसी ने बैठक में मौजूद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से हाल ही में लिए गए पानी के सैंपलों पर भी सवाल-जवाब किए गए। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आठ सैंपलों में से सात सैंपल फेल आए हैं और इनमें चार तो बूस्टिंग स्टेशनों के सैंपल भी शामिल हैं। इस पर डीसी ने जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन को तुरंत प्रभाव से इस पर काम करने के निर्देश दिए। डीसी ने कहा कि अगर बूस्टिंग स्टेशनों के ही सैंपल फेल आ रहे हैं तो शहर में सप्लाई होने वाले पानी की गुणवत्ता का अंदाजा बड़ी आसानी से लगाया जा सकता हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सप्ताह में दो बार क्लोरिन मिक्स पानी सप्लाई व सभी पेयजल लीकेज को दुरुस्त कराने की मांग भी डीसी से की।
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वर्जन::
जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन आधी-अधूरी तैयारियों के साथ बैठक में आए थे। अगले बुधवार को मैंने इस संबंध में फिर से रिव्यू मीटिंग बुलाई है। पेयजल के सैंपल फेल आने का जो भी जिम्मेवार है उस पर कार्रवाई के आदेश मैंने एक्सईएन को दे दिए हैं। इसके अलावा पेयजल से जुड़ी विभिन्न समस्याएं अलग-अलग विभागों के अधिकारियों ने रखी। इस पर रिपोर्ट तलब की है। - विजय कुमार सिद्प्पा, डीसी
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