अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
राजकीय कॉलेजों में बृहस्पतिवार को काफी गहमा-गहमी का माहौल रहा। कट ऑफ लिस्ट देखने के लिए छात्र-छात्राओं की भीड़ दिखाई दी। कुछ छात्रों के अभिभावक भी अपने बच्चों के साथ आए और लिस्ट में नाम न होने के कारण से कॉलेज स्टाफ से जानकारी ले रहे थे। बुधवार को कट ऑफ लिस्ट जारी होनी थी, लेकिन सर्वर डाउन होने की वजह से लिस्ट नहीं लग पाई थी। कट ऑफ लिस्ट पूर्वानुमानों के अनुसार ही रही। राजकीय नेहरू कॉलेज के बीए कोर्स में सामान्य वर्ग के 70 फीसदी अंक वाले छात्रों का नाम कट ऑफ लिस्ट में है। वहीं दुजाना और दूबलधन के राजकीय कॉलेज में इसी श्रेणी के 47 फीसदी अंक वाले छात्रों का भी नाम कटऑफ लिस्ट में आ गया है। वहीं जिन छात्रों का नाम कटऑफ लिस्ट में आ गया है, उन्हें अब 13 जुलाई तक फीस जमा करवानी होगी।
-नेहरू कालेज में ये रही कटऑफ
कोर्स सामान्य एससी बीसीए बीसीबी
बीए 70 59 48.4 60.8
बीए इंग्लिश 60.7 54.2 53.6 53.8
बीए आनर्स 62.6 -- -- --
बीए हिस्ट्री 69 55.4 61.6 50
बीएससी नॉन मेडिकल 74.2 47.8 57.2 69
बीएससी मेडिकल 77 61.4 61 68.8
बीएससी कम्प्यूटर 62.4 59 61.6 48.4
बीबीए 50.2 --- --- ---
बीसीए 52.2 --- -- ---
बीकॉम 60 48.8 53.8 49.8
-दुजाना कालेज में सामान्य श्रेणी की कटऑफ
बीए प्रथम अधिकतम 101.6 प्रतिशत न्यूनतम 47.4 प्रतिशत
बीकॉम प्रथम अधिकतम 82.4 प्रतिशत न्यूनतम 56.8 प्रतिशत
बीएससी नॉन मेडिकल अधिकतम 85 प्रतिशत न्यूनतम 67.2 प्रतिशत
-अब ये रहेगा शेड्यूल
दुजाना कॉलेज के एडमिशन नोडल आफिसर शिवालिक यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि लिस्ट में चयन होने वाले सभी छात्र अपनी कॉलेज फीस 7 जुलाई से 13 जुलाई तक कालेज फीस काउंटर पर कॉलेज टाइम में जमा करवा दें। कॉलेज में आर्ट की कुल सीटें 240 है और 164 छात्र-छात्राओं ने आवेदक भरे थे जिनमें आज वीरवार को लिस्ट में 139 छात्र-छात्राओं को नाम लिस्ट में चस्पा दिया गया है। बी कॉम प्रथम में कॉलेज में 60 सीटें है जिनमें 18 छात्र-छात्राओं ने आवेदक भरे थे। लिस्ट में 15 विद्यार्थियों का नाम लिस्ट में आया है। वहीं कॉलेज पिछले साल हीं नॉन मेडिकल की 20 सीटें आई थी और अब की बार कॉलेज में नॉन मेडिकल की 40 सीटें थी। जिनमें 30 छात्र-छात्राओं ने आवेदन भरे थे।
- बीए में 70 तो बीएससी में 74 प्रतिशत पर लगी कटऑफ लिस्ट
- बीबीए में 50 प्रतिशत तो बीसीए में 52.2 वाले को भी मिली जगह।
- नॉन मेडिकल में छात्र-छात्राओं का रुझान ज्यादा