अमर उजाला ब्यूरो
बेरी।
सप्ताहभर से लो वोल्टेज बिजली की मार झेल रहे बेरीवासियों को अभी नियमित सप्लाई के लिए और इंतजार करना पड़ सकता है। बीते 10 जून को बेरी के 132 केवी पावर हाउस में लगे ट्रांसफार्मर को खराब होने के बाद बदले में लगाया गया ट्रांसफार्मर भी सफेद हाथी बनता नजर आ रहा है।
बेशक इस ट्रांसफार्मर को शुक्रवार को बदल दिया गया और रोहतक से पहुंची एमएडपी की टीम ने इसे ओके भी कर दिया गया था परंतु इसका वर्किंग टेंपरेचर काबू न होने के कारण अधिकारियों का शनिवार को इसे चालू करने के वादे पर निगम के अधिकारी खरे नहीं उतर सके। शुक्रवार को बदले में लगे ट्रांसफार्मर को सेट करने के बाद अधिकारियों ने शनिवार बाद दोपहर तक इस ट्रांसफार्मर से प्रॉपर सप्लाई मिलने की बात कही थी। बिजली निगम के सूत्रों की मानें तो बदले गए ट्रांसफार्मर का टेंपरेचर मानक टेंपरेचर से अधिक आ रहा है, जिससे यदि इस पर 132केवी सब स्टेशन से जुड़े कनेक्शनों का लोड डाला जाए तो यह दोबारा जल सकता है। ऐसे में यहां यह भी सवाल उठता है कि जब इस ट्रांसफार्मर की मेंटेनेंस का काम संभाल रही एमएडपी की टीम ने इसकी वर्किंग को सही बताकर ओके कर दिया है तब आखिर निगम के अधिकारी इस ट्रांसफार्मर से सप्लाई देने में आखिर क्यों कतरा रहे हैं।
यहां यह भी बता दें कि सप्ताह भर पूर्व जो ट्रांसफार्मर जला उसकी कीमत करी डेढ़ करोड़ थी। इस ट्रांसफार्मर के जलने के पीछे क्या कारण है इस पर भी निगम के अधिकारी पानी डालने में लगे हैं। अधिकारियों का कहना है कि ट्रांसफार्मर जलने की रिपोर्ट तैयार की जाएगी इसके बाद ही मालूम पड़ेगा कि ट्रांसफार्मर जलने के पीछे क्या कारण है। खास बात यह है कि पिछले तीन साल से ट्रांसफार्मर बार बार खराब हो रहा है, लेकिन निगम ने बार-बार हो रही खराबी के बारे में कड़ा सज्ञान नहीं लिया। हर बार टीम किसी तरह ट्रांसफार्मर को चालू कर देती थी। इस बार जब पानी सिर से उतर गया तो टीम को ट्रांसफार्मर ही बदलने की सलाह देनी पड़ी।
वोल्टेज कम लेकिन सप्लाई 24 घंटे
सप्ताहभर पूर्व 132केवी सबस्टेशन के ट्रांसफार्मर के जल जाने के बाद बेरी क्षेत्र में एक रात बिजली की सप्लाई ठप्प रही, लेकिन जब बीते रविवार से इस क्षेत्र को बिजली की सप्लाई दूबलधन और जहाजगढ़ फीडर से जोड़ कर शुरू की गई, तब से बेरी के लोगों को भले ही लो वोल्टेज सप्लाई मिल रही हो, लेकिन यह सप्लाई निरंतर 24 घंटे मिल रही है, लेकिन लो वोल्टेज की समस्या पूरी तरह बरकरार है।
वर्जन
शुक्रवार को रोहतक से एमएडपी की टीम ने ट्रांसफार्मर को तो ओके कर दिया और शनिवार को दोपहर बाद ट्रांसफार्मर लोड डाला जाना था, लेकिन ट्रांसफार्मर का टेंपरेचर स्टैंडर्ड टेंपरेचर से काफी ऊपर आ रहा है। ऐसे में अगर ट्रांसफार्मर पर लोड डाला जाए तो वह दोबारा जल सकता है। जिस कंपनी से ट्रांसफार्मर मंगवाया गया है उसे इसकी सूचना भेज दी गई है। रविवार को भी कंपनी के इंजीनियरों द्वारा चेक किया गया है और सोमवार को भी कंपनी इंजीनियरों इसे दुबारा से फिर चेक करेंगे फिर अधिकारिक निर्णय के बाद ही ट्रांसफार्मर की वर्किंग पर विचार होगा।
- मोहित गर्ग जेई एचवीपीएन।
- ट्रांसफार्मर बदलने के बावजूद भी आ रही है लो वोल्टेज सप्लाई
- एमएडपी टीम से पास होने के बावजूद कामयाब नहीं हुआ ट्रांसफार्मर
- दो दिन तक और लंबित हो सकती है मेंटीनेंस