विधानसभा सत्र में सवाल उठाते हुए विधायक गीता भुक्कल
झज्जर। राज्य शिक्षक शिक्षा उन्नत अध्ययन संस्थान प्रारंभ के निर्माण पर 15 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। सरकार की तरफ से नान रेकरिंग अनुदान राज्य शिक्षक शिक्षा उन्नत अध्ययन संस्थान को दिया जा चुका है। फिलहाल इसका निर्माण कहां पर होगी, यह फाइनल नहीं हुआ।
राज्य शिक्षक शिक्षा उन्नत अध्ययन संस्थान के निर्माण को लेकर विधायक एवं पूर्व शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल ने अपना प्रश्न विधानसभा में रखा था। इस पर उच्चतर शिक्षा मंत्री मूलचंद ने यह जानकारी दी। मंत्री ने बताया कि यह संस्थान बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी बीएंडआर को कहा गया है। इसकी ड्राइंग फाइनल हो चुकी है। विधायक गीता भुक्कल ने बताया कि राज्य शिक्षक शिक्षा उन्नत अध्ययन संस्थान प्रारंभ नाम से यह संस्था कांग्रे सरकार के राज में शुरू की गई थी। वह आज भी मॉडल स्कूल में किराए पर चल रही है। वर्ष 2013 में कक्षाएं भी शुरू हो गई थी और इसके लिए धनराशि भी मंजूर हुई, लेकिन 11 वर्ष बीत जाने के बाद भी इस संस्थान का अपना भवन नहीं बन पाया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में हुए इस मुद्दे को वे चार बार उठा चुकी है। यह पहला ऐसा संस्थान है, जिसमें छात्रों को बीए के साथ बीएड भी करवाई जा रही है। संस्थान के छात्र नेहरू कॉलेज के हॉस्टल में रह रहे हैं। इस पर उच्चतर शिक्षा मंत्री मूलचंद ने बताया कि भवन योजना के ड्राइंग को विभाग द्वारा अनुमोदित कर दिया गया है। पीडब्ल्यूडी बीएंडआर से लागत अनुमान प्राप्त होने की प्रतीक्षा है। वर्तमान में संस्थान में एक प्राचार्य और एक निदेशक के अलावा 19 शिक्षण वर्ग और 20 गैर-शिक्षण कर्मचारी कार्यरत हैं। वर्तमान में संस्थान में स्वीकृत 400 सीटों के विरुद्ध कुल 359 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
सफाई और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सवाल भी उठाए
विधायक गीता भुक्कल ने विधानसभा में शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शहर में जगह-जगह गंदगी तथा कूड़े के ढेर लगे हुए हैं तथा आवारा और बेसहारा पशु जैव अपशिष्ट (बायो-वेस्ट) खा रहे हैं। इसके जवाब में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने बताया कि कभी-कभी उत्पादक द्वारा कचरे को अवैध रूप से फेंक दिया जाता है, जिसे नियमित रूप से उठा लिया जाता है। शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता सरकार के लिए उच्च प्राथमिकता है। भुक्कल ने स्वास्थ्य विभाग में जिले में कुल पदों स्वीकृत, पद भरे और खाली की जानकारी मांगी थी। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की तरफ से उनको यह जानकारी दी गई।