झज्जर। सरकारी अस्पताल में मरीजों को दवाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। ओपीडी में डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवा में एक या दो दवा ही मिल पा रही हैं। अन्य दवाएं मरीजों को निजी कैमिस्ट शॉप से खरीदनी पड़ रही हैं। इससे मरीजों को आर्थिक चपत लग रही है। सिविल अस्पताल में पिछले एक सप्ताह से खांसी और जुकाम की दवा तक नहीं है। खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों को केवल पीसीएम व दर्द निवारक दवाएं दी जा रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग की बात करें तो सिविल अस्पताल में महंगी दवाएं तो दूर कैल्शियम तक की दवा नहीं है। फ्रेक्चर के मरीजों को भी केवल दर्द निवारक दवा मिल रही है। मरहम क्रीम व अन्य दवा बाहर से लेनी पड़ रही है। ऐसे में मरीजों को बाहर से दवा लेने पर 250 से 300 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।