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बिना पूर्व सूचना कालेज में घोषित किया नॉन टीचिंग-डे, छात्रों ने चार घंटे किया हंगामा, बुलानी पड़ी पुलिस

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अमर उजाला ब्यूरो
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चरखी दादरी। बिना पूर्व सूचना के नॉन टीचिंग-डे घोषित करने पर जनता कॉलेज के विद्यार्थियों ने हंगामा कर पार्क में धरना दिया। कक्षाओं के ताले तोड़ने की चेतावनी मिलने पर कॉलेज प्रशासन को पुलिस बुलानी पड़ी। करीब चार घंटे तक नारेबाजी कर विद्यार्थी हंगामा करते रहे। दोपहर एक बजे मामला शांत हुआ। नॉन टीचिंग-डे अचानक घोषित करने का कारण कॉलेज स्टाफ का क्रिकेट मैच बताया गया। वहीं, कॉलेज प्राचार्य डॉ. यशवीर सिंह का कहना है होली पर छात्राओं के साथ किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो इसके लिए नॉन टीचिंग-डे की घोषणा का स्टाफ सदस्यों ने फैसला लिया।
शनिवार सुबह करीब नौ बजे जनता कॉलेज में कक्षाएं लगाने के लिए विद्यार्थी पहुंचने शुरू हो गए थे। इन्हें मेन गेट पर ही रोक लिया गया। सुरक्षा गार्ड ने छात्रों को बताया कि आज प्राचार्य ने कॉलेज की छुट्टी घोषित की है। इसलिए किसी को अंदर प्रवेश न करने देने के आदेश हैं। इस पर छात्र भड़क गए और उन्होंने कालेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। स्टाफ सदस्यों से बात कर छात्र-छात्राएं कॉलेज के अंदर पहुंच गईं और उन्हें यहां कक्षाओं पर ताले जड़े मिले। जब स्टाफ से ताले खोलने की बात कही तो उन्होंने मना कर दिया। इसके बाद विद्यार्थियों का गुस्सा भड़क उठा और प्राचार्य कक्ष के सामने पार्क में जाकर बैठ गए। छात्रों का आरोप है कि न तो कॉलेज प्रशासन ने शुक्रवार को नॉन टीचिंग-डे की सूचना दी और जब विद्यार्थी ज्ञापन सौंपने लगे तो उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। छात्र नेता संजीत धवन ने बताया कि शनिवार को कॉलेज में शिक्षकों का क्रिकेट मैच था। इसके चलते अचानक नॉन टीचिंग-डे घोषित किया गया। धवन ने बताया कि कॉलेज में ज्यादातर छात्र-छात्राएं गांवों से आते हैं। कक्षाएं न लगने के कारण उनको लौटना पड़ेगा। इसके अलावा असाइनमेंट और अन्य रिपोर्ट जमा कराने का भी शनिवार को आखिरी दिन है, इसके बाद एक सप्ताह की छुट्टियां हो जाएंगी। ऐसे में परीक्षा में छात्रों के असाइनमेंट के नंबर कॉलेज स्टाफ काट लेगा। छात्रों ने पौने दस बजे स्टाफ को चेतावनी दी कि सवा दस बजे तक कक्षाओं के ताले नहीं खोले गए तो वो इन्हें तोड़ देंगे।
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स्थिति को भांपकर कॉलेज प्राचार्य ने मामले की सूचना सिटी थाना प्रभारी दलबीर सिंह को दी। इसके बाद पुलिस टीम कॉलेज पहुंची और छात्रों को मनाने का प्रयास किया। इसके करीब आधा घंटा बाद सिटी थाना प्रभारी दलबीर सिंह भी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। करीब साढ़े 11 बजे दुर्गा शक्ति टीम भी कॉलेज पहुंच गई। इस दौरान छात्रों ने सिटी थाना प्रभारी से प्राचार्य को बाहर बुलाने की मांग की जो पूरी नहीं हुई।

सिटी एसएचओ ने सुनीं समस्याएं, छात्र नेता बैठा प्राचार्य कक्ष के बाहर
सिटी एसएचओ ने पार्क में बैठे छात्र-छात्राओं से बातचीत की और उन्होंने समझाकर कॉलेज से जाने की बात कही। इस पर छात्राओं ने कहा कि वे कॉलेज कैंपस में हैं और यह कॉलेज उनके लिए ही है। स्टाफ को उनके प्रति रवैया बेहद निराशाजनक है। इसके बाद एसएचओ सबको कांफ्रेंस रूम में ले गए और वहां उन्हें समझाने का प्रयास किया। वहीं, दोनों वार्ताओं के बाद छात्र नेता संजीत धवन प्राचार्य कक्ष के बाहर धरने पर बैठ गया। उसे पुलिस ने उठाने का प्रयास भी किया। पुलिस ने करीब साढ़े 12 बजे तक अपना रवैया नरम रखा। इस दौरान छात्रों के कॉलेज खाली न करने पर छात्र-छात्राओं के नाम और नंबर लिखने शुरू कर दिए। इसके बाद छात्र-छात्राएं कार्रवाई के डर से वहां से निकलते चले गए। करीब एक बजे कॉलेज पूरी तरह से खाली हो गया और इसके बाद पुलिस लौट आई।

शुक्रवार को युवक घुस गया था लड़कियों की कैंटीन में
जनता कॉलेज में शुक्रवार को एक युवक लड़कियों की कैंटीन में घुस गया था। स्टाफ के कहने पर भी वह बाहर नहीं निकला। इसके बाद दुर्गा शक्ति टीम को मौके पर बुलाया गया। पुलिस टीम उसे अपने साथ थाने ले गई। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि शनिवार को होली की आड़ में छात्राओं के साथ ऐसी हरकत दोबारा न हो इसके लिए ही छुट्टी की गई है।
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कॉलेज की 1200 छात्राओं की जिम्मेदारी स्टाफ पर है। होली पर्व की आड़ में छात्राओं के साथ किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो इसके लिए नॉन टीचिंग-डे घोषित करने का फैसला लिया गया है। पिछली बार हुड़दंग को देखकर इस बार हमने यह निर्णय लिया है। - यशवीर सिंह, प्राचार्य, जनता कॉलेज
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