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ग्रामीण नहीं पहुंचे थे अस्पताल, पहले शुरू की अंतिम यात्रा तो जताया ऐतराज

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अमर उजाला ब्यूरो
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झज्जर। शहीद सार्जेंट विक्रांत का पार्थिव शरीर उनके निवास तक ले जाने के लिए यात्रा सामान्य अस्पताल से करीब सुबह आठ बजे शुरू हुई। इस दौरान गांव के कुछ लोग ही अस्पताल में पहुंचे थे, प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा यात्रा को शुरू करवा दिया गया। यात्रा अभी गेट तक ही पहुंचा था कि बड़ी संख्या में भदानी गांव के लोग वहां पहुंच गए। ग्रामीणों ने ऐजराज जताया कि ग्रामीणों के पहुुंचने से पूर्व ही कैसे यात्रा प्रशासन ने शुरू करवाया। शहीद की गाड़ी को प्रशासन ने फूलों से तो सजवा दिया था लेकिन उस पर तिरंगा व शहीद के फोटो नहीं लगे थे। ग्रामीण तिरंगा व शहीद के पोस्टर साथ लेकर आए थे। जिन्हें ग्रामीणों ने गाड़ी पर लगाया व इसके बाद यात्रा गांव के लिए रवाना हुई। करीब दस मिनट तक अस्पताल के मुख्य गेट से कुछ दूरी पर यात्रा रुकी रही। ग्रामीण चाह रहे थे कि पूरे सम्मान व बड़े काफिले के साथ गांव तक शहीद के पार्थिव शरीर को लेकर जाया जाए।
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