अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़। नगर परिषद के पक्के 218 सफाई कर्मचारी भी वीरवार को काम से हटाए गए 94 सफाई कर्मियों के समर्थन में परिषद गेट पर धरने पर बैठ गए। सफाई कर्मियों को गेट से हटाने के लिए सिटी पुलिस पहुंची। इस दौरान कर्मचारियों ने कहा कि या तो रोजगार दिला तो या फिर हमें जेल में डाल दो। यह सुन पुलिस लौट गई।
दरअसल, लाइनपार क्षेत्र में सफाई का ठेका ले रही कंपनी का समय जनवरी के अंत में पूरा हो गया। नया ठेका लेने वाली कंपनी ने एक फरवरी को 94 सफाई कर्मियों को काम से हटा दिया। इस विरोध में दो फरवरी से इन 94 कर्मचारियों ने धरना शुरू कर दिया। भूख हड़ताल भी की। फिलहाल ये नगर परिषद के गेट पर धरने पर बैठे हैं। वीरवार को नगर परिषद के निगम रोल पर काम करने वाले 218 कर्मचारी भी समर्थन देकर इनके साथ धरने पर बैठ गए और प्रदर्शन किया। गेट पर भीड़भाड़ बढ़ी तो परिषद के अधिकारियों ने इन्हें हटवाने के पुलिस बुलवाई। नजदीक थाने से पुलिस आई और इन्हें हटाने लगी। पुलिस ने सख्ती दिखानी शुरू की तो कर्मचारी भी अड़ गए। बोले कि मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन करना उनका अधिकार है। उनके 94 साथियों का रोजगार गया है। या तो रोजगार वापस दिलाकर हमें हटाया जाए या फिर जेल में डाल दिया जाए। इसके बाद पुलिस वापस लौट गई।
सीएम से मिलेंगे 27 को
नगर पालिका कर्मचारी संघ के जिला प्रधान राजेंद्र ने कहा कि पिछले 20 दिनों से 94 सफाई कर्मी अपने घर से निकलते हैं और धरना दे रहे हैं लेकिन स्थानीय प्रशासन को इनका दर्द नजर नहीं आता। प्रशासन इन्हें अनदेखा कर सकता है लेकिन हम इनके साथ हैं। अब सभी कर्मचारी तब तक हड़ताल पर रहेंगे जब तक इन्हें वापस काम पर नहीं रख लिया जाता। लड़ाई आर-पार की है और इसी चरण में 27 फरवरी को पंचकूला स्थित मुख्यमंत्री आवास का कूच किया जाएगा। इस अवसर पर इकाई प्रधान राजपाल, वरिष्ठ उपप्रधान अमित, सरोज, प्रदीप, संजय, राकेश, मनीष, नवीन डागर, प्रदीप खत्री, अनिल आदि उपस्थित रहे।
35 कर्मचारियों के कंधों पर शहर की सफाई
दरअसल, नगर परिषद में 35 सफाई कर्मचारी पक्के हैं। इनके अलावा 218 कर्मचारी निगम रोल पर हैं। ये 218 कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। लाइनपार के 94 सफाई कर्मी पहले ही हटाए जा चुके हैं। अब जब तक निगम रोल पर कार्यरत 218 कर्मचारी काम पर नहीं लौटते तब तक सफाई का जिम्मा 35 पक्के कर्मचारियों के कंधों पर ही रहेगा।