अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। शहर में बंदरों के आतंक से लोगों के परेशान होने के बावजूद नगर परिषद द्वारा ठोस कदम न उठाने पर दादरी जाट महासभा ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। महासभा पदाधिकारियों ने चेयरमैन संजय छपारिया को ज्ञापन सौंपकर इस संदर्भ में ठोस कदम उठाने के लिए 24 अक्तूबर तक का अल्टीमेटम दिया है। इस समयावधि तक अगर बंदरों से निजात दिलाने की कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई तो फिर 25 अक्तूबर को शहर में प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं, नगर परिषद चेयरमैन का कहना है कि बंदर पकड़ो अभियान के टेंडर लगाने के उन्होंने आदेश दे दिए हैं। ज्ञापन सौंपने वालों में पार्षद और पार्षद प्रतिनिधि भी शामिल हैं।
चेयरमैन को सौंपे ज्ञापन में पार्षद कुलदीप गांधी व वीरेंद्र पप्पू, पार्षद प्रतिनिधि वीरेंद्र सांगवान, महासभा प्रधान जयबीर कुंडू, रामकुमार कलकल, हरिश सांगा, हरज्ञान सिंह, राजकुमार सिहाग, कुलदीप शर्मा, महेंद्र फौगाट, चुन्नीलाल सांगवान आदि ने बताया कि बंदरों की समस्या के लिए सर छोटूराम धर्मशाला में बैठक आयोजित की थी और सचिव व चेयरमैन को समस्या से मौखिक रूप से अवगत कराया था। इसके बावजूद नगर परिषद ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं जिसके चलते लोगों में अधिकारियों के प्रति रोष है। उन्होंने बताया कि पूरे दादरी शहर में बंदरों का आतंक हैं लेकिन अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। इन्होंने ज्ञापन में चेतावनी दी कि अगर 22 अक्तूबर तक कोई कदम नहीं उठाए गए तो 25 अक्तूबर को शहर में सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया जाएगा। पार्षद कुलदीप गांधी और वीरेंद्र पप्पू ने बताया कि हर बैठक में बंदरों पकड़ने का मुद्दा उठाया जाता है लेकिन प्रक्रिया कागजी कार्रवाई में ही उलझकर रह जाती है। चेयरमैन संजय छपारिया ने उन्हें उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
मौखिका आदेश दे चुका है, जल्द लिखित आदेश करूंगा जारी: चेयरमैन
नगर परिषद चेयरमैन संजय छपारिया ने बताया कि सचिव को वो बंदर पकड़ो अभियान के टेंडर लगाने के मौखिक आदेश दे चुके हैं और जल्द ही इस संबंध में लिखित आदेश भी जारी कर दिए जाएंगे। कुछ दिनों में ही 500 बंदरों को पकड़ने का टेंडर लगाया जाएगा।