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धनखड़ और सीएम का पुतला जलाने की धमकी पर ज्ञापन लेने आई डीसी 21-31-05

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अमर उजाला ब्यूरो
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झज्जर।
ई-पंचायत के विरोध में प्रदर्शन कर डीसी को ज्ञापन सौंपने पहुंचे सरपंचों ने वीरवार को लघु सचिवालय में जमकर हंगामा किया। वीरवार को प्रदेश भर में जिला मुख्यालय पर सरपंचों का ज्ञापन देने का कार्यक्रम था। इसी के तहत झज्जर में सरपंच एसोसिएशन के पदाधिकारी व सरपंच श्रीराम पार्क में एकत्रित हुए। जहां से प्रदर्शन करते हुए वे लघु सचिवालय में पहुंचे। जब वे सचिवालय परिसर के लिए बैरिकेटस को पार करने लगे तो उनका रास्ता पुलिस ने रोक लिया। इसके बाद सरपंच वहीं धरना देकर बैठ गए।
कुछ देर बाद डीसी ने उन्हें संदेश दिया कि प्रतिनिधिमंडल के कुछ सदस्य ज्ञापन देने आ जाएं। जिस पर सरपंचों ने मना कर दिया और कहा कि ज्ञापन लेने के लिए अब डीसी को ही धरना स्थल पर आना होगा। करीब दो घंटे तक इसी प्रकार ड्रामा चलता रहा। आखिरकार सरपंचों ने ऐलान कर दिया कि वे लघु सचिवालय में सीएम और मंत्री ओपी धनखड़ का पुतला जलाएंगे। वहीं, एक सरपंच प्रतिनिधि ने सुसाइड की धमकी देते हुए कुर्ता तक निकाल लिया। इसके बाद डीसी ने तुरंत सरपंचों के पास पहुंचकर ज्ञापन लिया।
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इन्होंने दी थी सुसाइड की धमकी
डाबौदा गांव के सरपंच प्रतिनधि जयंत तंवर ने भी इस दौरान कहा था कि अगर डीसी ने मौके पर आकर ज्ञापन नहीं लिया तो वह सुसाइड कर लेगा। इसके बाद जयंत ने अपना कुर्ता भी निकाल दिया था। जब सरपंच इस तरह की बात रहा था तो उन्हें मनाने के लिए एसडीएम रोहित यादव काफी प्रयास करते नजर आए। डीसी और सरपंचों के बीच बातचीत का माध्यम एसडीएम रोहित यादव ही बने रहे।

ये हैं सरपंचों की 9 प्रमुख मांगें
1. ई-पंचायत ग्रामीण विकास में बाधक है, इसे पूर्णतया खारिज किया जाए।
2. हरियाणा पंचायती राज एक्ट 1994 को पूर्णतया लागू किया जाए।
3. ग्राम सचिव की शैक्षणिक योग्यता स्नातक कर उनका वेतनमान पटवारी के समान किया जाए।
4. सांसदों व विधायकों की तर्ज पर सरंपचों व पंचों का मानदेय तुरंत बढ़ाया जाए।
5. ग्राम सचिवों के मासिक वाहन भत्ते को 20 से बढ़कार पांच हजार किया जाए।
6. गांवों में राशनकार्ड के लिए सर्वे करवा कर नए बीपीएल परिवार शामिल किए जाएं।
7. प्रधानमंत्री आवास योजना में शहरों की तर्ज पर गांवों के लोगों को लाभ दिया जाए।
8. मूलभूत सुविधाओं के लिए ग्राम पंचायतों को वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जाए।
9. हर गांव में ग्राम सचिवालय बनाकर उसमें पर्याप्त संसाधन व जिला स्तर की विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं।

सरपंचों ने दी चेतावनी
इस दौरान सरपंच एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि अगर 27 मार्च तक उनकी मांगों को नहीं माना तो वे 28 मार्च को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। अगर तब तक सरकार ने उनकी मांगों को स्वीकार कर लिया तो सरकार आभार भी प्रकट करेंगे।
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वर्जन
उनकी जायज मांगों को कृषि मंत्री ने भिवानी में मान लिया था। लेकिन अब फिर से उन्हें लागू किया जा रहा है, जोकि गलत है। इसी मांग को लेकर वे ज्ञापन देने के लिए लघु सचिवालय में गए थे। जहां पर पुलिस ने उन्हें रोक लिया। ज्ञापन देने के लिए डीसी को बुलाना चाहा तो वे दो घंटे तक नहीं आई। जयंत तंवर ने सुसाइड व बाकी ने मंत्री व सीएम का पुतला जलाने की बात कही तो डीसी उनका ज्ञापन लेने के लिए नीचे आई। वर्तमान सरकार में अधिकारी केवल अपनी चला रहे हैं, उन्हें जनता के अधिकारों से कोई सरोकार नहीं है।
- सतपाल मांडौठी, प्रधान, सरपंच एसोसिएशन।
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