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अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों के लिए जिलास्तरीय स्टेडियम मान्य नहीं : महावीर

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अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों के लिए जिलास्तरीय स्टेडियम मान्य नहीं : महावीर
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चरखी दादरी।
महिला पहलवान गीता और बबीता के पिता एवं द्रोणाचार्य अवार्डी पहलवान महावीर फौगाट को इस बात का मलाल है कि हरियाणा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों में पहचान बनाई है लेकिन आज तक हरियाणा में राष्ट्रीय स्तर के खेलों का आयोजन नहीं हो सका है। उनका कहना है कि जिले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी देश को दिए हैं। अब सरकार को भी यहां राष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम देना चाहिए ताकि अधिक से अधिक अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतिभाएं तैयार हो सकें। उन्होंने चरखी दादरी जिले के गांव समसपुर मेें राष्ट्रीय स्तर का खेल स्टेडियम बनाने की मांग सरकार से की है।
महावीर फौगाट का कहना है कि सरकार ने गांव समसपुर में जिला स्तर का खेल स्टेडियम मंजूर किया है लेकिन यहां के खिलाड़ियों का स्तर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय है। ऐसे में एक सामान्य खेल स्टेडियम के निर्माण का यहां कोई औचित्य नहीं बनता। यह बड़े अफसोस की बात है कि हरियाणा के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छाए रहते हैं। खिलाड़ियों ने समय-समय पर प्रदेश और देश के लिए गोल्ड, रजत और कांस्य पदक जीते हैं। ओलंपिक खेलों में भी हरियाणा के खिलाड़ियों का प्रदर्शन अच्छा रहा है लेकिन आज तक हरियाणा में राष्ट्रीय स्तर के कोई खेल तक आयोजित नहीं हो सके हैं। इससे साबित होता है कि हरियाणा मेें राष्ट्रीय स्तर का खेल स्टेडियम ही नहीं हैं जहां ऐसे राष्ट्रीय खेल करवाए जा सके। उनका कहना है कि सरकारें प्रदेश में खेल स्टेडियमों के आंकड़े तो बढ़ा रहीं हैं लेकिन आज भी 90 प्रतिशत स्टेडियमों में न तो कोच तैनात हैं और न ही खिलाड़ी अभ्यास कर रहे हैं। इन खेल मैदानों में घास उगी हुई है।
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लखनऊ, पटियाला और हैदराबाद की तर्ज बने स्टेडियम
महावीर फौगाट का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर का खेल मैदान बनाने से पूर्व हैदराबाद, लखनऊ और पटियाला जैसे खेल मैदान का अवलोकन करना चाहिए और उसी तर्ज पर खेल मैदान का निर्माण करना चाहिए। उनका मानना है कि जब स्टेडियम राष्ट्रीय स्तर को होगा तो वहां कोच और खेल सुविधाएं भी अपने आप राष्ट्रीय स्तर की मिलनी शुरू हो जाती हैं इससे सीधे तौर पर सभी खिलाड़ियों को फायदा होता है। जिले के गांव समसपुर में मंजूर जिला स्तर के खेल स्टेडियम को राष्ट्रीय स्तर का बनाया जाना जरूरी है इस क्षेत्र ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के काफी खिलाड़ी दिए हैं जिससे इस क्षेत्र का नाम दुनिया में चमका है। समसपुर में बनने वाले खेल स्टेडियम में सभी सुविधाएं राष्ट्रीय स्तर की होनी चाहिए। यहां इंटरनेशनल नेट होना चाहिए ताकि खिलाड़ियों को पटियाला जैसे स्टेडियमों में प्रशिक्षण लेने की जरूरत न पड़े।

राष्ट्रीय स्तर के कोच हों तैनात
समसपुर में बनने वाले खेल स्टेडियम में राष्ट्रीय स्तर के अनुभवी व योग्य कोच तैनात होने चाहिए। यहां कोच और खिलाड़ियों के लिए हॉस्टल की सुविधा भी होनी चाहिए। एक बार कोच की तैनाती करने पर उसे लंबे समय तक वहीं रखा जाना चाहिए। खेल मैदान पूरी तरह से आधुनिक और कंप्यूटराइज होना चाहिए ताकि कोच व टीम के बीच मैच के दौरान निर्णय को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा न होने पाए।
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ये सुविधाएं हों मौजूद
समसपुर खेल स्टेडियम में हॉकी, फुटबाल, क्रिकेट, वालीबाल, हॉकी, बैडमिंटन, जिम्नास्टिक, तैराकी, रेस ट्रैक, पार्किंग, राष्ट्रीय मैट, सभी एसी हॉल, हॉस्टल रूम, कोच रूम, एथलीट से संबंधित सभी खेलों के सामान के अलावा दर्शकों की क्षमता राष्ट्रीय स्तर के मैदान के समान होनी चाहिए।
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