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अमर उजाला इंपैक्ट: 422 दि बाद नप के पास पहुंची पांच करोड़ की ग्रांट

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आखिर 422 दिन बाद नप पहुंची पांच करोड़ की ग्रांट अमर उजाला इंपैक्ट
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18 सितंबर 2015 को मुख्यमंत्री ने की थी शहरी विकास के लिए पांच करोड़ देने की घोषणा, ग्रांट के अभाव में सवा साल से अटका है शहरी विकास
अमर उजाला ने कई बार प्रमुखता से उठाई थी लोगों की समस्या, पार्षद बोले: अब विकास कार्य कराने में देरी न करें अधिकारी
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
422 दिन के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार नगर परिषद के खाते में शहरी विकास के लिए पांच करोड़ रुपये की धनराशि पहुंच गई है। 17 सितंबर 2015 को सूबे के मुखिया ने नगर परिषद को यह ग्रांट देने की घोषणा की थी। घोषणा को अमलीजामा पहनाने के लिए नगर परिषद ने प्रपोजल और इस्टीमेट तैयार कर हेड ऑफिस भेज दिया था, और करीब दस माह बाद जाकर उच्चाधिकारियों ने यह ग्रांट नप के खाते में डाली है। इससे पहले आठ प्रोजेक्टों पर हेड ऑफिस से टेक्निकल आब्जेक्शन भी लगा था, जिन्हें अधिकारियों ने दूर करवा दिया था। ग्रांट खाते में आने के बाद अब नप अधिकारी जल्द ही आगामी कार्रवाई अमल में लाने की तैयारी में हैं। सचिव संजय यादव ने बताया कि अगले दस रोज में पांच करोड़ के टेंडर लगा दिए जाएंगे। इनके खुलते ही धरातल पर निर्माण कार्य शुरू करा दिए जाएंगे, इस पांच करोड़ की ग्रांट से शहर की करीब सौ गलियों व सड़कों का निर्माण होना है। इनमें शहर की कुछ प्रमुख सड़कें भी शामिल हैं जोकि पिछले कई सालों से कंडम पड़ी हुई है। हेड ऑफिस से ग्रांट जारी करने में हो रही देरी पर अमर उजाला ने कई बार प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी।
सूबे के मुखिया ने दादरी शहर के विकास के लिए पांच करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी। नप अधिकारियों ने इसे धरातल पर पूरा करने के लिए करीब 13 माह पहले 21 प्रपोजल तैयार किया था। इसके तुरंत बाद इन्हें मंजूरी के लिए हेड ऑफिस भेजा था। इसके बाद ये प्रपोजल हेड ऑफिस जाकर करीब आठ माह तक ठंडे बस्ते में पड़े रहे। इसके बाद हेड ऑफिस ने 15 प्रपोजल को तो हरी झंडी दिखाई दी थी लेकिन छह प्रपोजल पर तकनीकी ऑब्जेक्शन लगा दिए थे। इसके बाद नप अधिकारियों ने चंडीगढ़ पहुंचकर इनको रिमूव कराया था। अमर उजाला ने गत 10 मई के संस्करण में ‘पांच करोड़ के विकास कार्यों को 8 माह बाद मिली प्रशासनिक मंजूरी’ नामक शीर्षक से प्रकाशित किया था। इसके बाद से ही नप अधिकारी ग्रांट आने का इंतजार कर रहे थे। वहीं, ग्रांट न आने पर रुके शहरी विकास को लेकर पार्षद भी रोजाना नप अधिकारियों के पास पहुंच रहे थे। पार्षदों का तर्क था कि विकास कार्य रुकने से वे लोगों के सामने शर्मिंदा होने को मजबूर हैं। अमर उजाला ने 24 सितंबर के संस्करण में ‘मुख्यमंत्री घोषणा की ग्रांट अटकी, विकास रुकने से पार्षद खफा’ नामक शीर्षक से भी खबर प्रकाशित की थी। इससे पहले अमर उजाला ने गत 10 अप्रैल के संस्करण में भी ’बजट के अभाव में अधर में लटकी सीएम की घोषणाएं’ नामक शीर्षक से भी खबर प्रकाशित की थी। 21 प्रपोजल को प्रशासनिक स्वीकृति मिलनेे बाद अब ग्रांट भी नप के खाते में पहुंचने से अधिकारियों के साथ-साथ पार्षदों ने भी राहत की सांस ली है। इस ग्रांट से लगभग हर वार्ड में गली या सड़क का निर्माण होना है। नप अधिकारियों की मानें तो अगले तीन माह के अंदर सभी प्रपोजल पर काम पूरा कर लिया जाएगा और इसके तहत करीब सौ गलियों व सड़कों का जीर्णोद्घार कराया जाना है। इनमें शहर की कई प्रमुख सड़कें भी शामिल हैं। नप सचिव ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया के लिए कागजी प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है और अगले दस रोज में इस प्रक्रिया को सिरे चढ़ाकर जमीनी स्तर पर काम शुरू करवा दिया जाएगा।
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पार्षद बोले: लंबा हुआ इंतजार, धरातल पर जल्द काम करवाएं शुरू
सीएम घोषणा को एक साल से अधिक का समय बीत चुका है। अब ग्रांट नगर परिषद अधिकारियों के पास पहुंच चुकी है। जल्द से जल्द शहरी विकास शुरू कराना चाहिए। - वीरेंद्र पप्पू, पार्षद, वार्ड-19
ग्रांट आने का इंतजार नप अधिकारी कर रहे थे, अब ग्रांट खाते में आ चुकी है। इसलिए जल्द से जल्द विकास कार्यों को धरातल पर पूरा करने की कवायद शुरू करनी चाहिए। - महेश गुप्ता, वार्ड दो पार्षद
ग्रांट के अभाव में शहरी विकास रुका हुआ था। अब ग्रांट आने से विकास कार्यों का रास्ता साफ हो चुका है। इसलिए जल्द से जल्द नप अधिकारियों को काम शुरू कराना चाहिए। - दिनेश जांगड़ा, वार्ड 4 पार्षद
विकास कार्य रुकने से शहरवासियों को परेशानियां झेलनी पड़ रही थी। हर बार अधिकारी ग्रांट आते ही विकास कार्य कराने का तर्क दे रहे थे। इसलिए अब जल्द से जल्द काम शुरू कराना चाहिए। - कुलदीप गांधी, पार्षद वार्ड-18
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वर्जन::
ग्रांट हमारे पास पहुंच चुकी है। इसमें ग्रांट से कराए जाने वाले विकास कार्यों के लिए जल्द ही टेंडर लगा देंगे। पांच करोड़ की ग्रांट से शहर की प्रमुख सड़कों और गलियों का निर्माण कराया जाना है। जल्द से जल्द विकास कार्यों को पूरा कराने की हमारी प्लानिंग रहेगी। - संजय यादव, सचिव नगर परिषद


फोटो 17
खस्ताहाल में पड़ी गांधी नगर फाटक से ढाणी फाटक को जाने वाली सड़क।
फोटो 18
कंडम हाल में पड़ा सिविल अस्पताल से प्राचीन हनुमान मंदिर को जाने वाली सड़क।
फोटो 19
खस्ताहाल में पड़ी कोर्ट के बैक साइड वाली सड़क।
फोटो 20
वीरेंद्र पप्पू।
फोटो 21
महेश गुप्ता।
फोटो 22
दिनेश जांगड़ा।
फोटो 23
कुलदीप गांधी।
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महोदय जी, 10 अप्रैल, 10 मई व 24 सितंबर को प्रकाशित खबर की पीडीएफ लगाने का भी कष्ट करें।
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