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दीपावली से पहले बहादुरगढ़ के पटाखा विक्रेताओं का निकला दीवाला

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अमर उजाला ब्यूरो
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बहादुरगढ़।
दीपावली से पहले सुप्रीम कोर्ट की ओर से पटाखा बिक्री पर रोक संबंधी आदेश के बाद बहादुरगढ़ के दुकानदारों का दिवाला निकल गया है। दुकानदारों का तर्क है कि पुराने स्टाक को तो बेचने के लिए सुप्रीम कोर्ट को छूट देनी चाहिए थी। वहीं, शहरवासियों की इस पर मिलीजुली प्रतिक्रिया है। किसी ने इस फैसले को सही बताया है तो किसी ने इसका विरोध किया है।
हर बार होता है एक करोड़ का पटाखों का कारोबार
बता दें कि हर वर्ष बहादुरगढ़ में पटाखों पर शहरवासी लगभग एक करोड़ खर्च कर देते हैं। शहर में चार लाइसेंस धारी दुकानदार पटाखों की बिक्री करते हैं। यह दुकानें अनाजमंडी में स्थित हैं। इनमें एक दुकान से दीपावली पर लगभग 12 लाख रुपये के पटाखों की बिक्री हो जाती है। इस तरह चारों दुकानों पर पटाखों की बिक्री लगभग 40-50 लाख के बीच होती है। इस बार भी दुकानदारों ने दीपावली की फुल तैयारी की थी। मगर उनकी इस तैयारी पर सुप्रीम कोर्ट ने पानी फेर दिया। अब दुकानदार यही कह रहे हैं कि दीपावली तक और पुराना स्टाक बेचने की इजाजत मिल जाए तो उनका नुकसान नहीं होगा।
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मेला ग्राउंड में भी लगती थी 100 के करीब दुकान
बहादुरगढ़ के मेला ग्राउंड में प्रशासन की ओर से पटाखा बिक्री के लिए लाइसेंस जारी किए जाते थे, लेकिन वह अबकी बार नहीं होंगे, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में इनकी बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी है। अनुमान लगाया जाए तो बहादुरगढ़ शहर में लगभग एक करोड़ के पटाखों की बिक्री दीपावली पर्व पर हो जाती है।

दुकानदारों ने जताई नाराजगी
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर बहादुरगढ़ के पटाखा विक्रेताओं ने पूरी तरह नाराजगी जताई है। अनाज मंडी के निकट माल गोदाम रोड के पटाखा विक्रेता नरेश गुप्ता का कहना है कि पटाखों पर बैन से उनका काफी आर्थिक नुकसान होगा। दीपावली के बाद कोर्ट को पटाखों पर बैन लगाना चाहिए था। इससे दुकानदारों को भी नुकसान नहीं होता और पुराना रखा स्टाक भी बिक जाता। वे केवल उसी सामान को बेच रहे थे जो उनके पास पुराना रखा था। वहीं अनाज मंडी के पटाखा विक्रेता संदीप कुमार का कहना है कि उन्होंने दीपावली पर्व पर पटाखों की बिक्री करने के लिए पूरी तैयारी की है। मगर अब पटाखा बिक्री पर बैन के बाद उनका काफी नुकसान हो रहा है। उन्होंने मांग की है कि इस फैसले में कुछ संशोधन किया जाए, ताकि दुकानदारों का नुकसान न हो।

अतिशबाजी नहीं करनी चाहिए : धर्मवीर
पटाखा बिक्री पर बैन शहरवासियों ने स्वागत किया है। शिक्षक धर्मवीर सिंह का कहना है कि दीपावली रोशनी का त्योहार है। लोगों को पटाखों की बजाय अधिक से अधिक रोशनी करनी चाहिए। आपस में एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर यह त्योहार माना चाहिए। आतिशबाजी नहीं करनी चाहिए। इससे वायु प्रदूषण फैलता है।
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एक-दूसरे के साथ मिलकर मनाएं दीपावली : सांगवान
देशलपुर गांव में स्थित एसडीएम स्कूल के संचालक प्रदीप सांगवान ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से पटाखों पर बैन इस समय सही लगाया गया है, क्योंकि आए दिन प्रदूषण की मात्रा बढ़ती जा रही है। अस्थमा के मरीजों को दीपावली पर्व पर सांस लेने में भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लोगों को भी अधिक पटाखे नहीं चलाने चाहिए। पटाखों से धन की बर्बादी होती है। सभी को इसका स्वागत करना चाहिए और दीपावली पर पटाखे चलाने की बजाय एक-दूसरे के साथ मिलजुलकर त्योहार मनाना चाहिए।
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