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बोर्ड परीक्षा में टॉपर, स्टेट अवार्ड के लिए आवेदन तक नहीं

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अमर उजाला ब्यूरो
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झज्जर।
पांच सितंबर को राष्ट्रीय शिक्षक दिवस पर राज्य सरकार ने सम्मानित होने वाले प्रदेश भर के अध्यापकों की सूची जारी कर दी है। लेकिन झज्जर जिले का कोई अध्यापक इस प्रतिष्ठित सूची में जगह नहीं बना पाया है। जोकि हैरानी की बात है। क्योंकि इस बार बोर्ड की परीक्षाओं में जिला झज्जर के विद्यार्थियों ने बहुत शानदार प्रदर्शन किया है। दसवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में झज्जर जिले ने ओवरऑल रिजल्ट में प्रथम स्थान हासिल किया था तो 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में झज्जर ओवलऑल रिजल्ट के मामले में दूसरे स्थान पर रहा था। वहीं, दसवीं कक्षा के बोर्ड टॉप-10 में झज्जर जिले के 5 छात्रों ने अपनी जगह बनाई थी। जिसके बावजूद भी हालात ये हैं कि बेस्ट टीचर अवार्ड के लिए लिस्ट में एक भी शिक्षक का नाम नहीं है।

शिक्षकों ने नहीं किया आवेदन
राज्य शिक्षक पुरस्कार की सूची में जब झज्जर जिले के एक भी टीचर का नाम नहीं मिला तो अमर उजाला ने पूरे मामले को लेकर पड़ताल की तो चौंकाने वाला सच सामने आया। सच ऐसा कि हर उस शिक्षक को शर्मिदंगी उठानी पड़े, जिसने पूरी मेहनत से बच्चों को पढ़ाकर टॉप करवाया था। पड़ताल में सामने आया कि जिले से किसी भी शिक्षक ने बेस्ट टीचर अवार्ड अवार्ड के लिए आवेदन ही नहीं किया। जिस कारण झज्जर से किसी भी शिक्षक का नाम सूची में नहीं आया।
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पिछले साल भी नहीं किया आवेदन
परीक्षा परिणामों में बेहतरीन रिजल्ट देने वाले झज्जर जिले के अध्यापक बाकी मापदंडों में पिछड़ जाते हैं। इसके चलते ही झज्जर जिले से पिछले दो साल में कोई भी टीचर 5 सितंबर को स्टेट अवार्ड हासिल नहीं कर सका है। झज्जर जिले से पिछले साल भी किसी शिक्षक ने आवेदन नहीं किया था। जिसके चलते इसे अध्यापकों की लापरवाही के साथ पूरे रिकार्ड को सहेज कर आवेदन करने को अध्यापक झमेला समझ रहे हैं। जिसके चलते साफ हो रहा है कि राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए झज्जर के अध्यापक खुद को इस पुरस्कार के योग्य नहीं मानते।
भिवानी, पंचकूला और सोनीपत के शिक्षकों को सबसे अधिक पुरस्कार
प्रदेश सरकार द्वारा जारी सूची के अनुसार उक्त पुरस्कार के लिए भिवानी, पंचकूला और सोनीपत के सबसे अधिक अध्यापकों का चयन किया गया है। कुल 29 पुरस्कारों में से 12 पुरस्कार उक्त तीन जिलों के हिस्से गए हैं। सूची के अनुसार गुरुग्राम से तीन, भिवानी, पंचकूला और सोनीपत से चार-चार, हिसार, कैथल से तीन-तीन, रेवाड़ी से दो, यमुनानगर, रोहतक, जींद, महेंद्रगढ़, पानीपत और मेवात से भी एक-एक अध्यापक को राज्यपाल स्टेट अवार्ड से सम्मानित करेंगे।
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वर्जन
जिले के लिए शर्मिंदगी की बात तो है कि इतने बड़े जिले से किसी को भी अवार्ड के लिए चयनित नहीं किया गया। ऐसा अध्यापकों द्वारा आवेदन न किए जाने के चलते हो रहा है। अगर कोई आवेदन करता तो जरूर झज्जर जिले का नाम भी लिस्ट में शामिल हो सकता था।
- सतबीर सिवाच, डीइओ, झज्जर।

ये हैं स्टेट अवार्ड के लिए आवेदन के मापदंड
1. दस साल की सर्विस में पांच साल प्लस ए ग्रेड अनिवार्य
2. प्रदेश के औसत रिजल्ट से उसका रिजल्ट अधिक होना अनिवार्य
3. आवेदन के लिए जरूरी सौ नंबरों में से पचास नंबर होना अनिवार्य
4. जिलास्तरीय कमेटी द्वारा सेलेक्शन के बाद ही स्टेट अवार्ड के लिए आवेदन संभव

- पुरस्कार के लिए अध्यापकों ने किया आवेदन, दो साल से यही हालात
- भिवानी, पंचकूला और सोनीपत से सबसे अधिक अध्यापकों को मिलेगा पुरस्कार
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