एक ही परिवार के 14 सदस्य। स्रोत : परिजन
साल्हावास। जिले के मातनहेल खंड के खानपुर खुर्द गांव में एक अनूठा संयुक्त परिवार रहता है। इसमें 14 सदस्य हैं। सभी सदस्य एक ही छत के नीचे रहते हैं। एक साथ खेती करते हैं। यह चार भाइयों व उनके बीवी, बच्चों का परिवार है जिसकी एकता की मिसाल दूर-दूर तक दी जा रही है। परिवार में किसी भी प्रकार की तकरार देखने को नहीं मिलती। महिलाएं भी संयुक्त रूप से कार्य करती हैं। पिता प्यारेलाल और मां चमेली का निधन हो चुका है। माता-पिता चाहते थे कि परिवार संयुक्त रूप से रहे। उन्हें की आज्ञा का पालन करते हुए चारों भाई एक साथ रहते हैं। यहां 55 साल के रत्न लाल परिवार के मुखिया हैं जो दुकानदार हैं।
परिवार के सभी फैसले स्वयं रत्न लाल लेते हैं। जिसकी बात का पालन परिवार के सभी सदस्य करते हैं। भाइयों और बहुओं में प्रेम व लगाव भी गजब के हैं। यहां तक की परिवार के बच्चों में लाड़ प्यार सब आपस में बांटते हैं। परिवार में 7 पुरुष है जबकि 7 महिलाएं हैं। परिवार के मुखिया बताते हैं कि परिवार के सभी सदस्य सभी त्योहार एक साथ परिजनों के साथ मनाते है।
परिवार में 3.5 एकड़ भूमि है। परिजनों के पास गाय और भैंस तथा कटिया आदि को मिलाकर दस पशु हैं।
4 भाइयों के इस परिवार में मुखिया रत्न लाल, पत्नी कुसुम हैं जो बारहवीं पास हैं। बेटी डाक्टर गरिमा बीएएमएस, लड़का श्रवण एमएससी, बीएड हैं। दूसरे भाई इंद्र कौशिक हैं जो अविवाहित हैं। तीसरे भाई महेंद्र सिंह गेस्ट टीचर हैं। पत्नी नीलम बीए पास हैं जबकि बेटी हीना कौशिक ने हाल ही में कला संकाय में टॉप किया है। हीना के भाई उत्तम दसवीं कक्षा में पढ़ रहे हैं। चौथे नंबर पर ओम प्रकाश है जो सभी भाइयों में छोटे हैं।
पब्लिक हेल्थ में ऑपरेटर है जबकि पत्नी ममता हैं। बेटी प्रिया ने 12वीं की पास 85 प्रतिशत अंकों के साथ पास की है। बेटा खुशवंत आठवीं कक्षा का छात्र है। रतन लाल के बड़े भाई श्री भगवान शिक्षा बोर्ड भिवानी में नौकरी रहे। उनके परिवार में पत्नी ओमली और बेटा प्रदीप है वे भिवानी ही रहते हैं। प्रदीप एलएलबी की पढ़ाई करके वकालत कर रहा है।