अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। शहर में डैमेज हालत में पड़े सभी लाल रंग के ट्रांसफार्मरों की अब सर्वे होगी। इस दौरान जो भी ट्रांसफार्मर डैमेज मिला उसे स्टोर में रखवाकर उसकी जगह नया ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। इससे शहर में बिजली आपूर्ति में काफी सुधार होने की संभावना है। वहीं, निगम की यह प्लानिंग सिरे चढ़ने के बाद अन्य ट्रांसफार्मरों का लोड भी कम हो जाएगा और इससे फॉल्टों में कमी भी आएगी।
शहर में इस समय 863 लाल रंग के ट्रांसफार्मर शहर के विभिन्न भागों में लगा रखे हैं। यह 12 किलोमीटर लंबी केबल से कनेक्ट हैं। इनके अतिरिक्त करीब 1300 पुराने ट्रांसफार्मरों के जरिए भी बिजली आपूर्ति की जा रही है। करीब 10 साल पहले शहर में लाल रंग के ट्रांसफार्मर लगाए थे जो मोटी केबल से कनेक्ट हैं ताकि इनसे बिजली चोरी न हो सके। यह ट्रांसफार्मर लगाने के बाद इनको कई साल तक चालू नहीं किया गया था। 2017 में जब शहर में बिजली संकट अधिक गहराया तब बिजली निगम ने यह लाल रंग के ट्रांसफार्मर चालू कर बिजली आपूर्ति शुरू की थी। जब यह लाल रंग के ट्रांसफार्मर चालू किए गए थे तो इनकी केबल्स पंक्चर मिली थी। इसके चलते आपूर्ति करना मुश्किल हो गया था।
80 ट्रांसफार्मर इस समय नहीं वर्किंग में
पूरे शहर में 12 किलोमीटर लंबी केवल से यह लाल रंग के ट्रांसफार्मर कनेक्ट हैं। निगम ने बाद में पंक्चर केबलों की अनबंडलिंग का काम शुरू किया था। अनबंडलिंग कर इन लाल रंग के ट्रांसफार्मर को चालू कर दिया गया था लेकिन करीब 80 ट्रांसफार्मर आज भी वर्किंग में नहीं हैं। इनमें से आज भी काफी खराब हालत में पड़े हैं। इनकी जगह पुराने ट्रांसफार्मरों से काम चलाया जा रहा है।
ट्रांसफार्मरों का लोड बन रहा ट्रिपिंग का कारण
शहर में कई जगह तो पुराने ट्रांसफार्मर जमीन पर भी रखे हुए हैं। वहीं, कई भागों में एक ही स्थान पर दो-दो ट्रांसफार्मर रखे हुए हैं ताकि उस एरिया को लोड की समस्या से निजात मिल सके। लाल ट्रांसफार्मर के अलावा शहर में करीब 1300 पुराने ट्रांसफार्मर भी लगे हुए हैं। इनकी हालत काफी खस्ता बनी हुई है। इनकी आउटपुट क्षमता भी कम बनी हुई है जिससे ये ट्रांसफार्मर निर्धारित पूरा लोड झेलने की स्थिति में नहीं हैं। इन ट्रांसफार्मर में बार-बार ट्रिंपिंग की शिकायतें मिलती रहती हैं जिससे घंटों बिजली आपूर्ति ठप बनी रहती है। जब ठीक करने के लिए परमिट लिया जाता है तो आसपास के एरिया में भी बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है।
लाल ट्रांसफार्मर पर 20 से 25 घरों का ही लोड
शहर में लाल रंग के एक ट्रांसफार्मर से 20 से 25 घरों में बिजली की सप्लाई संभव है। लोड बांटकर इन ट्रांसफार्मर के जरिए बिजली आपूर्ति की जाती है। अब बिजली निगम शहर में इन लाल रंग के सभी ट्रांसफार्मर की सर्वे करेगा। इसके तहत यह देखा जाएगा कि कितने ट्रांसफार्मर वर्किंग में नहीं है और कितने डैमेज हो चुके हैं। जो डैमेज हो चुके हैं उनको उतारा जाएगा और इनकी जगह नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। इससे शहर की बिजली आपूर्ति में काफी सुधार आएगा और ट्रांसफार्मरों का लोड भी कम हो सकेगा। बार- बार ट्रिपिंग की समस्या से भी निजात मिल सकेगी।
लाल रंग के ट्रांसफार्मरों की जल्द ही सर्वे होगी। जो भी डैमेज ट्रांसफार्मर मिलता है उसकी जगह नया ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। डैमेज को स्टोर में रखवा दिया जाएगा। इससे शहर की बिजली आपूर्ति में काफी सुधार आएगा। ओवरलोड ट्रांसफार्मर की समस्या भी खत्म हो सकेगी।
ओमबीर सिंह, एक्सईएन, बिजली निगम