फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एंबुलेंस के थमे रहे पहिये, 20 से ज्यादा सेवाएं रहीं प्रभावित

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
चरखी दादरी। एनएचएम कर्मचारियों की दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन जिले की चिकित्सा सेवाओं पर कुछ असर देखने को मिला। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने से व्यवस्था गड़बड़ाई रही। हालांकि दादरी जीएच में सीएमओ ने वैकल्पिक व्यवस्था कर इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित नहीं होने दी। दूसरी तरफ चालकों के हड़ताल के समर्थन में आने से एंबुलेंस के पहिये भी थमे रहे। एनआरएचएम कर्मचारी जिले के 80 फीसदी कर्मचारी हड़ताल में शामिल होने का दावा कर रहे हैं तो वहीं, सीएमओ ने महज दस प्रतिशत के ही हड़ताल में शामिल होने की पुष्टि की है। सीएमओ विरेंद्र यादव ने बताया कि 252 में से 27 कर्मचारी हड़ताल में शामिल और इनकी रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जा चुकी है।
एनएचएम कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सिविल अस्पताल में मंगलवार को धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल के चलते जिले में एंबुलेंस सेवा सहित अन्य सेवाएं बाधित रहीं। एनएचएम कर्मियों ने बताया कि इससे पहले उन्होंने जनहित को देखकर तीन जनवरी को हड़ताल स्थगित कर दी थी। उस समय प्रदेश में स्वाइन फ्लू का प्रकोप बढ़ गया था और इसके चलते ही हड़ताल स्थगित करनी पड़ी थी। उन्होंने बताया कि अब यह हड़ताल पांच और छह जनवरी को की जाएगी और इस दौरान भी सरकार का सकारात्मक रुख नहीं रहा तो फिर यूनियन के राज्य पदाधिकारियों की रणनीति मुताबिक अगला कदम उठाया जाएगा।
विज्ञापन

एनएचएम कर्मियों के हड़ताल पर रहने से ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं ज्यादा प्रभावित रहीं। जिले में तीन सीएचसी और 12 पीएचसी ग्रामीण क्षेत्र में हैं जिनसे करीब 172 गांव जुड़े हुए हैं। यहां टीकाकरण, डिलीवरी सेवा, स्कूल हेल्थ, डिलीवरी हेल्थ आदि शाखाओं से जुड़ी करीब 20 सेवाएं प्रभावित रही।
विज्ञापन

वहीं, सिविल अस्पताल के 28 चालकों में से छह की दिन के समय ड्यूटी थी और इनमें से पांच धरने पर बैठे रहे। धरने पर बैठे एक चालक ने बताया कि दोपहर तीन बजे तक सिविल अस्पताल से कोई एंबुलेंस रवाना नहीं हुई है। धरने पर बैठे कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कामरेड संजय व एनएचएम प्रधान अंजू ने बताया कि हम सम्मान काम सम्मान वेतन व सभी एनएचएम के कर्मचारियों को पक्का करने की मांग कर रहे है। धरने पर कृष्ण, संजय, अनिल, सतेंद्र, मनीता, महेंद्र, सुशीला, सावन, नरेश, अमरजीत, संदीप, बलजीत, जयप्रकाश, अनिल, रवि, हंसराज, संदीप, जगत, रविंद्र, वीना, सीमा व मंजीत आदि कर्मचारी मौजूद थे। प्रस्तावित हड़ताल के मद्देनजर पहले ही वैकल्पिक इंतजाम थे। इमरजेंसी कक्ष में अन्य स्टाफ को नियुक्त कर दिया। इसके अलावा उन्होंने ओपीडी विंग के सामने पार्क में धरना दे रहे कर्मचारियों की सूची तैयार करवाकर हेड ऑफिस भेज दी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पहले ही उनके पास निर्देश पहुंच चुके थे।
ये हैं एनएचएम कर्मियों की मांगें
- एनएचएम कर्मचारियों को नियमित किया जाए और नियमित कर्मचारियों के सम्मान सभी भत्ते दिए जाए।
- जिन कर्मचारियों को सेवा नियम का लाभ नहीं दिया गया है उन्हें तुरंत प्रभाव से इसका लाभ दिया जाए।
- आऊटसोर्सिंग की भर्ती को बंद किया जाए और जिन पदों पर भर्ती की है उन्हें एनएचएम के तहत भर्ती करे।
- सेवा नियमों में संशोधन सरकार के आदेश पर बनी कमेटी की सिफारिशों के तहत ही सरकार लागू करे।
- सातवें वेतन आयोग का लाभ दिया जाए और नियमित कर्मचारी की तर्ज पर ही यह एनएचएम कर्मियों को मिले।
- हड़ताल अवधि का वेतन नियमित कर्मचारियों की भांति व अवकाश भी एनएचएम कर्मचारियों को जारी करवाए जाए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें