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तिरंगे में लिपटा बेटे का शव देख हाथ जोड़कर बोली मां- फक्र है तुझ पर, शहादत देकर मेरी कोख का मान बढ़ा दिया

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तिरंगे में लिपटा शव देख बोली मां, गर्व है तुझ पर, तूने शहादत देकर मेरी कोख का मान बढ़ाया
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। कोच्चि के नौसैन्य अड्डे पर एयरक्राफ्ट हैंगर गिरने से शहीद हुए जिले के गांव चांगरोड निवासी नवीन का शव शनिवार सुबह गांव में पहुंचा। तिरंगे में लिपटे बेटे के शव को देखकर मां लक्ष्मी की आंखें छलछला गईं। मां ने हाथ जोड़कर कहा कि बेटे गर्व है तुझ पर, तूने शहादत देकर मेरी कोख का मान बढ़ाया है। शहीद की अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से विदाई दी। शहीद नवीन का अंतिम संस्कार सैन्य सम्मान के साथ गांव के श्मशान घाट में किया गया। इस दौरान नौसेना से लेफ्टिनेंट कमांडर दुष्यंत, आर्मी से एके गुलिया, तहसीलदार कंवरपाल यादव और सदर थाना प्रभारी जगराम उपस्थित रहे।
चांगरोड़ निवासी नवीन शर्मा 2008 में नौसेना में भर्ती हुए थे और उनकी मौजूदा पोस्टिंग केरल के कोच्चि में थी। 27 दिसंबर को नौसेना अड्डे पर एयरक्राफ्ट हैंगर गिरने से नवीन शर्मा और राजस्थान के भरतपुर निवासी अजीत सिंह शहीद हो गए थे। शनिवार सुबह करीब सात बजे नवीन का शव चांगरोड गांव में पहुंचा। इस दौरान नौसेना अधिकारियों ने शहीद की पत्नी आरती को तिरंगा और नवीन की फोटो भेंट की। इसके बाद शवयात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों लोगों ने भाग लिया और नम आंखों से विदाई दी। शहीद के बड़े भाई अनित ने चिता को मुखाग्नि दी। शहीद के परिजनों ने सरकार से नवीन की याद में शहीद स्मारक बनाने और छोटे भाई प्रवीन को सरकारी नौकरी देने की मांग भी की है। नौसेना के लेफ्टिनेंट कमांडर दुष्यंत ने बताया कि नवीन सरल स्वभाव का था और अपने काम में ही मशगूल रहने वाला था।
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हादसे से दो दिन पहले परिवार से की थी वीडियो कॉल से बात
शहीद के बड़े भाई अनित और छोटे भाई प्रवीन ने बताया कि हादसा 27 दिसंबर को हुआ। उनकी नवीन से 25 दिसंबर की शाम को बात हुई थी। नवीन ने उस दौरान वीडियो कॉल कर मां लक्ष्मी देवी, भतीजे और दोनों भाइयों से बातचीत की थी। उन्होंने बताया कि करीब दो माह पहले ही नवीन गांव से छुट्टी काटकर कोच्चि लौटा था।
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कांग्रेस व इनेलो नेताओं ने दी श्रद्घांजलि, भाजपा से कोई नहीं पहुंचा
शहीद नवीन को अंतिम विदाई देने लोगों को हुजूम उमड़ पड़ा। कांग्रेस से पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान व इनेलो से पूर्व विधायक कर्नल रघबीर सिंह छिल्लर शहीद को नमन करने पहुंचे, लेकिन भाजपा से कोई नेता वहां नहीं पहुंचा। यह ग्रामीणों में चर्चा का विषय भी बना रहा। इस दौरान ग्रामीणों बात करते नजर आए कि सैनिकों को सम्मान देने का दम भरने वाली भाजपा सरकार धरातल पर ऐसा कुछ नहीं करती।
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शहीद का भाई बोला : बेटे को आईएएस बनाकर नवीन के सपने को करूंगा पूरा
शहीद नवीन का बड़ा भाई अनित राजस्थान रोडवेज में परिचालक है। नवीन के डेढ़ साल की बेटी प्रव्या है। अनित ने बताया कि नवीन उसके बेटे को आईएएस बनाना चाहता था, लेकिन वह हमारे बीच नहीं रहा। इसलिए बेटे को आईएएस बनाकर वह नवीन के सपने को पूरा करेगा।
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