झज्जर। रईया गांव में बनने वाले महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय के रीजनल सेंटर के खिलाफ रविवार को गांव में धनखड़ खाप की महापंचायत होगी। महापंचायत उसी जमीन पर हो रही है, जिसको लेकर किसान विरोध जता रहे हैं। महापंचायत को लेकर बड़ी बात यह है कि चंद्र शेखर आजाद के भतीजे सुजीत आजाद इस पंचायत में हिस्सा लेंगे। जिसके बाद उम्मीद की जा रही है कि रईया गांव के रीजनल सेंटर के लिए जाने वाली जमीन का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर उठ सकता है। अगर ग्रामीणों को कृषि मंत्री जल्द राजी नहीं कर पाए तो आने वाले दिनों में यह उनके लिए टेंशन का कारण बन सकता है।
105 एकड़ जमीन पर है विवाद
रईया गांव की 105 एकड़ जमीन पंचायत के द्वारा रीजनल सेंटर के लिए पट्टे पर दी गई है। किसान चाह रहे हैं कि इस जमीन का मुआवजा सरकार के द्वारा उन्हें दिया जाए या फिर पंचायत के खाते में जमा करवाया जाए। क्योंकि यह जमीन पंचायती नहीं होकर चार पानों के पूर्वजों द्वारा चारागाह के लिए छोड़ी हुई थी। ग्रामीणों की मांग है कि अगर सरकार मुआवजा नहीं देना चाहती तो लिखित में यहां लगने वाली नौकरियों का 85 फीसद हिस्सा गांव के लिए आरक्षित कर दे। वहीं सरकार अभी तक केवल पांच फीसदी आरक्षण की बात कर रही है।
बड़े स्तर पर उठाएंगें मुद्दा : धनखड़
किसान यूनियन के अध्यक्ष प्रदीप धनखड़ के अनुसार वे रईया गांव की जमीन का मुद्दा बड़े स्तर पर उठाएंगें। महापंचायत में शामिल होने के लिए चंद्रशेखर आजाद के भतीजे सुजीत आजाद भी रविवार को रईया गांव में पहुंचेंगे।