अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़। उपायुक्त सोनल गोयल द्वारा लौटा दिया गया नगर परिषद बहादुरगढ़ का 2018-19 का बजट सोमवार को हुई परिषद बोर्ड की बैठक में पास हो गया। दुबारा पास होने के बावजूद अनेक पार्षदों ने बजट पर कड़ी आपत्ति जताई। इस बैठक में विधायक नरेश कौशिक व नगर परिषद अध्यक्ष शीला राठी समेत कुल 12 निर्वाचित और तीन मनोनीत पार्षद शामिल हुए। पिछली बैठक में पास हुए बजट में अकाउंट कांट्रेक्ट के खर्च में 9.91 लाख के स्थान पर 9.91 करोड़ लिखा गया था। ऐसे में पूरे बजट का खर्च बढ़ गया था जो 52.91 करोड़ हो गया था। इस वजह से उपायुक्त ने इस बजट को वापस कर दिया था।
सोमवार को मीटिंग शुरू होते ही लेखाधिकारी रवींद्र ने मीटिंग का एजेंडा पढ़ना आरंभ किया और सदन को बताया कि बजट मीटिंग (पिछली) में पास करके डीसी के भेजे गए बजट में कुछ तकनीकी खामी रह गई थी। इस पर पार्षद युवराज छिल्लर ने पूछा कि बजट में खामियां छोड़ने वाले कर्मचारी के विरुद्ध क्या एक्शन लिया गया। युवराज के इस सवाल पर लेखाधिकारी बताया कि संबंधित कर्मचारी ने स्पष्टीकरण दिया है कि ये लिपिकीय भूल थी। इस पर युवराज समेत कई पार्षद भड़क गए और बजट बनाने वाले संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने का प्रस्ताव पारित कर दिया। तय हुआ कि बजट प्रस्ताव लिखने वाले तत्कालीन एसओ से दोबारा स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। बैठक में विधायक नरेश कौशिक, 18 पार्षदों व 3 मनोनीत नगर पार्षदों ने भाग लिया। विपक्ष के कई पार्षद बैठक में नहीं आए। गत 13 अप्रैल को हुई बजट बैठक में भी ये पार्षद नहीं आए थे।
बजट प्रस्ताव संशोधन के लिए सोमवार को बैठक आरंभ होने से पहले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी श्रद्धांजलि दी गई। अकाउंट ऑफिसर रवींद्र ने बताया कि परिषद कार्यालय के स्थापना शाखा खर्च बजट में तकनीकी खामियां रह गई थी। इस मद में अकाउंट कांट्रेक्ट के खर्च में 9.91 लाख के स्थान पर 9.91 करोड़ चला गया था। ऐसे में पूरे बजट का खर्च बढ़ गया था जो 52.91 करोड़ हो गया था। इस वजह से उपायुक्त ने इस बजट को वापस कर दिया था। उपायुक्त ने निर्देश दिए थे कि बजट को संशोधित कर दोबारा परिषद बोर्ड की बैठक में पास किया जाए। इसीलिए लिए इस बैठक में बैठक में संशोधित बजट पेश किया गया है। आय का बजट जैसा था वैसा ही है लेकिन खर्च का बजट संशोधित होने के बाद अब 43.09 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
बजट के मुताबिक आय के मुख्य बिंदु
सेविंग पर ब्याज 2.50 करोड़
संपत्ति कर 5 करोड़
स्टांप ड्यूटी 14 करोड़
दुकानों का किराया 1.50 करोड़
विद्युत शुल्क 3 करोड़
विकास शुल्क 4 करोड़
एडवांस एंड डिपोजिट आदि 6 करोड़
आबकारी ड्यूटी 9.50 करोड़
मिसलेनियस आय 1.50 करोड़
धरोहर राशि 3 करोड़
बजट के मुताबिक इस तरह होगा खर्च
स्थापना शाखा 22.24 करोड़
कंटीजेंसी 8.30 करोड़
विकास कार्य 11.55 करोड़
कर्ज का भुगतान 1 करोड़
कुल 43.09 करोड़
विकास कार्यों के लिए प्रस्तावित खर्च
आफिस 1 करोड़
मरम्मत 20 लाख
पार्कों का विकास 1 करोड़
पार्कों की मरम्मत 1.50 करोड़
नालों का निर्माण 1.50 करोड़
गली निर्माण 2 करोड़
हाईटेंशन लाइन 3 करोड़
अन्य विकास 15 लाख
परचेज आफ स्टोर 50 लाख
मशीनरी खरीद 70 लाख
कुल 11.55 करोड़
संशोधित बजट सर्वसम्मति से पास : नरेश
विधायक नरेश कौशिक ने बताया कि संशोधित बजट को पास कर दिया गया है। यह बजट सर्वसम्मति से पास किया गया है। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को विकास कार्यों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
परिषद अध्यक्ष शीला बोली
नगर परिषद चेयरपर्सन शीला राठी ने बताया कि संशोधित एक राय सेे पास हो गया है। बजट की पहली और इस बैठक में भी विपक्ष के कुछ पार्षदों ने भाग न लेकर यह जता दिया है कि वे शहर में विकास के पक्षधर नहीं हैं। विकास विरोधी इन पार्षदों को सपने में भी चेयरमैनी दिख रही है।
ये पार्षद हुए शामिल
विधायक नरेश कौशिक, प्रधान शीला राठी, वाइस चेयरमैन विनोद कुमार, अलबेल, रेखा वत्स, दीपा रानी, कांता खत्री, रवींद्र जाखड़, प्रेमचंद, अशोक राठी, जसबीर सैनी, कुसुम शर्मा, कविता, प्रवीण कुमार, सत्यप्रकाश, युवराज छिल्लर, रवि खत्री, संदीप, मनोनीत पार्षद अशोक गुप्ता, इंद्र कुमार नागपाल व राजपाल शर्मा ने बैठक में भाग लिया।