अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
पैरा ग्लाइडिंग में देश का पदक दिलाने की चाह में कर्ज लेकर पैरा ग्लाइडर खरीदने वाले सांकरोड़ निवासी नितिन कुमार ने थाईलैंड में आयोजित वर्ल्ड पैरामोटर चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया। नितिन ने गुरुग्राम जिला निवासी सुनील चौधरी के साथ मिलकर पीएल-टू (ज्वाइंट पैराग्लाइडिंग) में पहली दफा देश का प्रतिनिधित्व किया। यह स्पर्धा 27 अप्रैल से छह मई तक थाईलैंड में आयोजित की गई थी और इसमें फ्रांस, स्पेन, पौलेंड, इरान, आस्ट्रेलिया, चेक गणराज्य, कुवैत, कतर आदि देश के पैरा ग्लाइडरों ने हिस्सा लिया था।
नितिन ने बताया कि पैरा ग्लाइडर बनने की चाह में उसने ग्रेजुएशन के दौरान पढ़ाई छोड़ दी थी। इसके बाद उसने परिचितों से छह लाख रुपये लेकर खुद का पैरा ग्लाइडर खरीदा। नितिन ने बताया कि वर्ल्ड पैरामोटर में दस सदस्यीय भारतीय दल पहली बार हिस्सा लेने पहुंचा था। इस दल में हरियाणा से वो केवल दो ही प्रतिभागी थे। नितिन ने बताया कि स्पर्धा में पोलैंड ने 360 अंक प्राप्त कर पहला, फ्रांस ने 150 अंक प्राप्त कर दूसरा व भारत की टीम ने 147 अंक लेकर तीसरा स्थान प्राप्त किया। चैंपियनशिप में पीएल-वन व पीएल-टू प्रतियोगिता में भारत ने बेहतर प्रदर्शन किया।
नागपुर नेशनल चैंपियनशिप में जीता था गोल्ड
नितिन कुमार ने बताया कि गत वर्ष नागपुर में आयोजित नेशनल चैंपियनशिप में उसने राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक प्राप्त किया था। उसने बताया कि अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी यह पहली कामयाबी है। नितिन ने बताया कि उसने पैरा ग्लाइडिंग की करीब दस माह तक पुणे में भी ट्रेनिंग ली थी। इसके बाद उसने चरखी दादरी जिला प्रशासन से अनुमति लेकर कुछ समय तक पैरा ग्लाइडिंग का अभ्यास किया।
सरकार और विभाग से प्रोत्साहन न मिलने का मलाल
नितिन ने बताया कि भारत में इस खेल को कोई प्रोत्साहन नहीं दिया जा रहा है जबकि विदेशों में इस खेल के प्रति काफी क्रेज है। उन्होंने कहा कि इस खेल के प्रति खिलाड़ियों में जागरूकता पैदा हो, इसके लिए खेल विभाग को पैरामोटर खेल के प्रति ध्यान देना चाहिए।