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धनखड़, बराला व कैप्टन की मंशा खराब, नहीं चाहते प्रदेश में बने भाईचारा

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अमर उजाला ब्यूरो
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झज्जर।
प्रदेश के कृषि मंत्री ओपी धनखड़, वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला की मंशा ठीक नहीं है। ये तीनों नहीं चाहते कि प्रदेश का भाईचारा बना रहे। यह बात जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय महासचिव अशोक बल्हारा ने कही। वे रविवार को राशलवाला चौक पर आयोजित बलिदान दिवस कार्यक्रम को संबोधित करने के लिए पहुंचे थे। बल्हारा ने कहा कि समाज की एकता का ही परिणाम है कि समिति ने सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की जींद में 15 फरवरी को आयोजित रैली का जिस प्रकार से समिति ने विरोध किया था, उससे सरकार के पसीने छूट गए। यही कारण रहा कि सरकार ने रैली से पहले जाट समाज को बातचीत के लिए दिल्ली बुलाया और मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया कि जाट समाज की मांगें मान ली जाएंगी। बल्हारा ने कहा कि जाट समाज ने साबित कर दिया कि एकता में काफी बल होता है।
ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार होकर पहुंचे लोग
जाट समाज द्वारा राशलवाला चौक पर आयोजित बलिदान दिवस कार्यक्रम में लोग ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार होकर पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान समाज की महिलाएं भी काफी संख्या में मौजूद रही। वहीं सभी लोगों के लिए कार्यक्रम स्थल पर चाय व पानी की व्यवस्था की गई थी। इस मौके पर समिति सदस्य चिंटू छारा, कादयान खाप प्रधान बिल्लू, राजसिंह, सुरज गुलिया, रोशन लाल, एउवोकेट रणधीर सिंह सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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समाज के लिए जान गंवाने वालों पर गर्व : बबला
समिति के जिलाध्यक्ष जितेंद्र धनखड़ उर्फ बबला ने कहा कि बलिदान दिवस पर आंदोलन के दौरान मारे गए युवकों के परिजनों को सम्मानित करके समिति अपने आपको सौभाग्यशाली मान रही है। आंदोलन के दौरान जिन लोगों ने समाज के हकों के लिए बलिदान दिया, उसे व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार अगर समिति की मांगों की अनदेखी करती है तो जाट समाज भी अपनी रणनीति बना इसका जवाब देगा। बबला ने कहा कि यह बलिदान दिवस 36 बिरादरी का है। बलिदान दिवस पर महिलाओं की भी भीड़ नजर आई।
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नाके पर डटे रहे पैरामिलिट्री के जवान
बलिदान के मद्देनजर पुलिस व पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों ने सुरक्षा की दृष्टि से नाके लगाकर हर गतिविधि पर नजर रखी। धरनास्थल के आसपास प्रशासन के अधिकारी अपनी जिम्मेवारी के साथ खड़े रहे। वहीं बलिदान दिवस शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न होने के बाद जिला प्रशासन ने भी राहत की सांस ली। वहीं जिला प्रशासन के द्वारा 81 अधिकारियों को भी ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाया गया था।

धनखड़, बराला और कैप्टन की मंशा खराब, नहीं चाहते प्रदेश में बने भाईचारा
-बलिदान दिवस कार्यक्रम में बोले जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय महासचिव अशोक बल्हारा
-जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान दंगों में मारे गए लोगों को दी श्रद्धांजलि
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