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क्षेत्र में यूरिया खाद की किल्लत, मंगलवार तक खाद मिलने की संभावना

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अमर उजाला ब्यूरो
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बादली।
पिछले तीन दिन से बादली क्षेत्र में यूरिया खाद की किल्लत से किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान खाद के लिए प्रतिदिन बादली क्षेत्र के प्राथमिक कृषि सहकारी सहकारी समितियों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन खाद नहीं मिल रहा है। ऐसे में किसानों की फसल भी खराब होने के कगार पर है।
किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना ना करना पड़े और उन्हें रोज-रोज प्राथमिक समिति के चक्कर में लगाने पड़े। इसके लिए देवरखाना के मैनेजर विजय कुमार बाल्यान और बादली टैक्स के मैनेजर कृष्ण कुमार ने बताया कि सोमवार को प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों में खाद आने की संभावना है। दावा किया जा रहा है कि मंगलवार को किसानों को क्षेत्र के लगभग सभी प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों से यूरिया खाद मिल पाएगा। बादली टैक्स के मैनेजर कृष्ण कुमार द्वारा चार दिन पहले 250 बैग की गाड़ी आई थी जो उसी दिन किसानों को वितरित कर दी गई। प्रत्येक किसान को दो-दो बैग यूरिया दिया गया। संभावना है कि मंगलवार को किसानों के लिए खाद उपलब्ध होगा। देवरखाना के मैनेजर विजय कुमार बाल्यान ने भी किसानों को आश्वस्त किया कि सोमवार को बिक्री केंद्रों पर यूरिया की आपूर्ति हो जाएगी। किसान अपने आधार कार्ड के साथ बिक्री केंद्रों पर पहुंचकर मंगलवार को ले सकते हैं।
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ये गांव आते हैं बादली पैक्स के अधीन
बादली पैक्स के अधीन 15 गांवों आते हैं जिनमें 7 अतिरिक्त सेंटर बनाए गए हैं। गुभाना, पेलपा, जहांगीरपुर, मुनीमपुर, लाड़पुर, खेड़ी जट्ट और बादली सेंटर पर अभी तक करीब 6500 कट्टे यूरिया किसानों में वितरित किया जा चुका है। अधिकारियों ने किसानों को यूरिया लेने के लिए आधार कार्ड साथ लाने की सलाह दी है।
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6500 एकड़ है रकबा
बादली पैक्स के अधीन आने वाले गांवों में 6500 एकड़ में खेतीबाड़ी का काम होता है। प्रति एकड़ यूरिया का एक कट्टा लगाने की औसत आए तो अभी तक किसानों में 5960 कट्टे यूरिया बांटा जा चुका है जबकि अभी दो माह शेष हैं। गेहूं और सरसों में कौरवा देने के साथ-साथ यूरिया डालने का समय चल रहा है जिसकी अफरा तफरी में किसान यूरिया खरीद रहे हैं।

यूरिया खाद न मिलने से फसल खराब होने की कगार पर
पैक्स के सभी गोदाम खाली, खाद के लिए पैक्स के चक्कर काट रहे किसान
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