अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
पिछले सप्ताह लाइनपार क्षेत्र से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुई बच्ची तीन दिन बाद दिल्ली में मिली है। बच्ची के मिलने के बाद परिजनों और पुलिस को राहत मिली है। सोमवार को पुलिस ने बच्ची को उसके अभिभावकों के हवाले कर दिया।
दरअसल, रोहतक के गांव गद्दीखेड़ी निवासी सात वर्षीय मंजू पिछले कुछ दिनों पहले लाइनपार (बहादुरगढ़) स्थित न्यू सुभाष नगर में अपने मामा संदीप के घर आई थी। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे मंजू घर से निकल गई, मगर वापस नहीं लौटी। काफी देर तक न लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। उसे कई स्थानों पर तलाशा, मगर कुछ पता नहीं चल सका। इसके बाद परिजनों ने लाइनपार थाने में पुलिस को गुमशुदगी की सूचना दी। पुलिस ने बच्ची को तलाशने के लिए सर्च अभियान चलाया था।
तीन दिन से दिल्ली में थी बच्ची
जांच अधिकारी एसआई रामकुमार ने कहा कि 29 दिसंबर की सुबह बच्ची की नानी किसी काम से घर से बाहर निकली थी। उसके पीछे-पीछे वह भी निकल गई। इस दौरान बच्ची मंजू रेलवे स्टेशन पर पहुंच गई और एक ट्रेन में चढ़ गई। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पहुंची तो वह वहां उतर गई। बच्ची को रोते देख किसी राहगीर ने स्टेशन स्थित चाइल्ड होम को सूचना दी। तब चाइल्ड होम के कर्मचारियों ने बच्ची को संभाला। तीन दिन तक बच्ची वहीं पर रही।
पोस्टर के जरिये पता चला
बहादुरगढ़ पुलिस लगातार बच्ची को तलाश रही थी। पुलिस ने हरियाणा व दिल्ली के रेलवे स्टेशन पर भी बच्ची की गुमशुदगी संबंधी पोस्टर लगाए थे। दिल्ली स्टेशन पर लगे पोस्टर को देखकर चाइल्ड होम के कार्यकर्ताओं ने बहादुरगढ़ पुलिस से संपर्क किया। वहां से सूचना मिलने के बाद सोमवार को जांच अधिकारी एसआई रामकुमार दिल्ली पहुंचे और वहां से बच्ची मंजू को वापस बहादुरगढ़ ले आए।