अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
गोसेवा को समर्पित गोभक्त सुनील निमाणा ने एक बार फिर आमरण अनशन पर बैठने की चेतावनी दी है। पिछले 50 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे संत गोपालदास का समर्थन करते हुए झज्जर-गुड़गांव रोड स्थित गोकुल धाम गोसेसवा महातीर्थ के संचालक निमाणा ने प्रदेश सरकार को स्पष्ट किया है कि अगर सरकार ने अगले 48 घंटों में गोचर विकास बोर्ड का गठन नहीं किया तो वे भी आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे।
बता दें कि इससे पूर्व भी बीते वर्ष अक्टूबर माह में निमाणा ने गोसेवा के निमित्त 10 दिनों तक आमरण अनशन किया था। जिसे बाद में स्थानीय प्रशासन ने आश्वासन देकर समाप्त करवाया था। निमाणा ने सरकार पर आरोप लगाया है कि एक ओर सड़कों पर एक्सीडेंट और पॉलीथिन खाती गोमाता तड़प-तड़प कर प्राण त्याग रही हैं।
वहीं, सरकार गोचरान भूमि की नीलामी कर धन अर्जित करने में जुटी हुई है। निमाणा ने कहा कि गोभक्त इस अत्याचार को अब और नहीं सहेंगे और हरियाणा सरकार की इन नीतियों का डटकर विरोध करेंगे।
शनिवार को गोचर भूमि आंदोलन में जुटे कार्यकर्ताओं ने झज्जर शहर में एक विरोध प्रदर्शन भी किया। बाद में प्रदर्शनकारियों ने तहसीलदार मनमोहन को इस संदर्भ में एक ज्ञापन भी सौंपा। सुनील निमाणा ने कहा कि अगर सरकार ने गोचर विकास बोर्ड का गठन नहीं किया तो संत गोपालदास के अनशन में कदमताल करते हुए वह स्वयं भी आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे। प्रदर्शन में क्षेत्र के कई गोभक्त मौजूद रहे।