फिर शुरू हुआ ‘बेसहारा पशु पकड़ो अभियान’
चरखी दादरी। तीन दिन से बंद पड़ा बेसहारा पशु पकड़ो अभियान बुधवार को फिर शुरू किया गया। इस दौरान पशु पालन विभाग की टीमों सहित गोसेवकों ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से 16 देसी गायों को पकड़कर श्रीकृष्ण गोशाला में भिजवाया। इन पशुओं को पकड़ने के लिए 20 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। विभाग जरूरत के अनुसार इन पशुओं की नसबंदी भी कर रहा है। वहीं, अभियान शुरू होने पर शहरवासियों ने भी राहत की सांस ली है। पशु पालन विभाग के अधिकारियों का दावा है कि अभियान पर अगले 20 दिनों तक निरंतर जारी रहेगा। बेसहारा पशु पकड़ने के लिए सक्रिय टीमें एसडीएम ओमप्रकाश देवराला को अपनी रिपोर्ट सौंप रही हैं। इसके बाद एसडीएम इस रिपोर्ट को डीसी विजय कुमार सिदप्पा के पास भेज रहे हैं। अब तक 47 बेसहारा पशु पकड़कर इन्हें गोशाला भेजा जा चुका है। हालांकि अभी तक नंदीशालाओं की व्यवस्थाओं प्रशासन नहीं कर पाया है। जिले में करीब पांच नंदीशालाएं खोलने की प्लानिंग पर प्रशासन काम कर रहा है।
पिछले कुछ दिनों से उपायुक्त के निर्देश पर लावारिस पशुओं को पकड़ने के लिए विशेष अभियान शुरू है। अभियान के तहत पशुपालन विभाग के 20 कर्मचारी लावारिस पशुओं को पकड़कर इन्हें गोशालाओं में भिजवाया जा रहा है। पशुपालन विभाग के एसडीओ डॉ. बलराज खरब ने बताया कि बुधवार को 16 देशी गायों को पकड़कर अनाज मंडी स्थित श्रीकृष्ण गोशाला में भिजवाया गया है। पशुपालन विभाग ने बेसहारा पशु पकड़ने के लिए अपनी दो टीमें गठित कर रखी है। इन टीमों में छह-छह कर्मचारी शामिल है। इनके अलावा दोनों टीमों में से एक की अगुवाई डॉ वेद सांगवान तो दूसरी की अगुवाई वीएलडीए शील सांगवान व बीएलइओ रामफल कर रहे हैं। इनके अलावा गोसेवक रिंपी फौगाट व मंजीत दलाल की टीमें भी अभियान में इन दोनों टीमों का साथ दे रही हैं। सभी टीमें बेसहारा गायों व नंदियो को पकड़कर इन्हें एक जगह एकत्र करेंगे और इसके बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाकर इन्हें गोशाला व नंदीशाला भेजा जाएगा। बाक्स
जिले में खुलेंगी पांच नंदीशालाएं
डॉ वेद सांगवान ने बताया कि डीसी विजय कुमार सिदप्पा ने जिले में चार से पांच नंदीशालाएं खोलने के आदेश भी जारी किए थे। इस प्रक्रिया में अभी थोड़ा समय लग सकता है। उन्होंने बताया कि गोशाला संचालक सिर्फ देशी नस्ल की गायें व दी को ही गोशाला में शरण देंगे। इस शर्त को जहन में रखते हुए फिलहाल साहिवाल व हरियाणा नस्ल की गायों को पकड़ने का अभियान चलाया गया है। इससे अमेरिकन नंदियों की छटनी हो जाएगी और नंदीशालाओं की व्यवस्था होते ही इन्हें पकड़ा जाएगा।
परेशान है शहरवासी, अभियान रहना चाहिए जारी
बेसहारा पशुओं को पकड़कर प्रशासन ने अच्छी पहल की है। शहरवासियों को भी पशुओं से हो प्रतिदिन हो रही परेशानी से छुटकारा मिलेगा। अभियान लगातार जारी रहना चाहिए।
रमेश प्रधान, वार्ड चार निवासी
बेसहारा पशुओं के कारण दोपहिया वाहन चालक प्रतिदिन हादसों का शिकार हो रहे है। सड़क के बीचोंबीच खड़ा रहने से ट्रैफिक व्यवस्था भी प्रभावित होती है।
रमेश कुमार, महेंद्रगढ़ चुंगी निवासी
बेसहारा पशुओं के कारण बाजारों में सबसे अधिक परेशानी रहती है। कई दफा बेसहारा पशु टक्कर मारकर लोगों को भी घायल कर देते हैं। अभियान लगातार जारी रहना चाहिए।
सुखविंद्र, महेंद्रगढ़ चुंगी निवासी
पशु पकड़ने के लिए प्रशासन को बहुत पहले शुरुआत कर देनी चाहिए थे। अब भी अभियान शुरू होने से लोगों की परेशानियां काफी हद तक कम होंगी। यह अभियान लगातार चलाना चाहिए।
गुड्डी, वार्ड नंबर चार निवासी
डीसी साहब के निर्देशों पर पशु पालन विभाग व गोशाला संचालकों की बैठक लेकर मैंने गोशाला में इन्हें छोड़ने के निर्देश दिए थे। इसके अलावा जिले में पांच नंदीशालाएं भी बनाई जाएंगी। पकड़े गए पशु पर अगर कोई मालिकाना हक जताता है तो उस पर 3100 का जुर्माना भी लगाया जाएगा।
ओमप्रकाश देवराला, एसडीएम
हमने दो दिन अभियान चलाकर हरियाणा व साहिवाल नस्ल की करीब 47 गायें व बछड़े पकड़े हैं। इन्हें टैग लगाकर गोशालाओं में छुड़वा दिया गया है। प्राथमिक चरण में हम केवल देशी गायों को पकड़ रहे हैं। जल्द ही नंदीशालाओं की व्यवस्था कर दी जाएगी।
डॉ वेद सांगवान, पशु पालन विभाग