अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। क्षमता कम होने से दिल्ली रोड स्थित सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का स्टोरेज टैंक ओवरफ्लो हो गया है। दूषित पानी किसानों के खेतों तक जा पहुंचा है। किसानों का कहना है कि दस दिन से टैंक ओवरफ्लो कर रहा है लेकिन जन स्वास्थ्य विभाग ने अब तक इस तरफ ध्यान नहीं दिया है। एडीसी से मिलने लघु सचिवालय पहुंचे किसानों ने बताया कि शुक्रवार तक कई एकड़ में खड़ी फसल तक सीवर का पानी पहुंच चुका है। किसानों ने एडीसी से मुलाकात कर मुआवजा दिलाने और समस्या का समाधान कराने की गुहार लगाई है। किसानों का कहना है कि पहले भी वो प्रशासन को चार बार शिकायत सौंप चुके हैं और इस बार अगर मांगों की तरफ ध्यान नहीं दिया गया तो गांव में पंचायत आयोजित का दादरी शहर का दूषित पानी रोक दी जाएगी। हालांकि एडीसी ने ग्रामीणों को समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया है।
शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे समसपुर के ग्रामीण देवेंद्र लीला की अगुवाई में लघु सचिवालय पहुंचे। इन ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत की तरफ से शिकायत पत्र एडीसी संगीता तेतरवाल को सौंपा। लघु सचिवालय पहुंचे किसान धर्मवीर, रामकुमार, लीलाराम, मांगेराम, अमरजीत, अनुप, देवीलाल, रामकिशन, सोमबीर, अरूण, विनोद, झूथर पहलवान, हंसराज, बिजेंद्र, प्रवीन, नर सिंह ने बताया कि एसटीपी बनने के बाद से ही उनके खेतों में दूषित पानी पहुंच रहा है। इस कारण आठ सालों से उन्हें परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के समय तो एक हजार एकड़ से ज्यादा भूमि इसकी चपेट में आ जाती है। इसके चलते किसानों की फसल तबाह हो जाती है। वहीं, सरकार और जिला प्रशासन की तरफ से किसानों को मुआवजा तक नहीं दिया जाता। ग्रामीणों ने बताया कि इस बार भी स्थिति ऐसी ही बनी हुई है। दस दिनों से एसटीपी का स्टोरेज टैंक ओवरफ्लो कर रहा है। दूषित पानी किसानों के खेतों में जमा हो रहा है। जन स्वास्थ्य विभाग को सूचना देने के बाद भी ओवरफ्लो बंद करने के लिए कोई कदम नहीं उठाए हैं। इसके चलते ग्रामीणों में रोष है। लघु सचिवालय पहुंचे किसानों ने बताया कि विभाग की अनदेखी के चलते वो एडीसी से मिले हैं और उन्हें सारी स्थिति की जानकारी दे दी है। किसानों ने बताया कि एडीसी ने उन्हें सकारात्मक आश्वासन देते हुए जल्द से जल्द समस्या का समाधान कराने की बात कही है।
10 किसान बेच चुके 22 एकड़ जमीन
किसानों ने बताया कि एसटीपी के साथ लगती जमीन पर लंबे समय से खेती नहीं हो पा रही है। मजबूरी में गांव के कुछ किसान खेती छोड़ चुके हैं। ऐसे करीब दस किसान हैं जिन्होंने अपनी 22 एकड़ जमीन कुछ समय में ही बेच दी है। किसानों ने बताया कि समस्या का समाधान नहीं किया तो पंचायत का आयोजन कर एसटीपी पर तालाबंदी करने का फैसला भी लिया जाएगा।