अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर। स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर की रैंकिंग सिटीजन फीडबैक व सर्विस लेवल ने बिगाड़ते हुए प्रदेश भर में पांच पायदान नीचे खिसका दिया है। पिछले साल हुए सर्वेक्षण में झज्जर को प्रदेश भर में 11वां स्थान मिला था, जबकि इस बार 16वां स्थान मिला है। वहीं पिछली बार नॉर्थ जोन में झज्जर को 64वां स्थान मिला था लेकिन इस बार देश भर में 156वां स्थान मिला है। शहर की इस बिगड़ी रैंकिंग के लिए कुछ दूसरे कारण भी शामिल हैं, जिन पर अधिकारियों को मंथन करना होगा।
कैटेगरी वाइज मिले नंबर
श्रेेणी निधार्रित अंक मिले
डायरेक्ट ऑर्ब्जवेशन- 1250 611
सिटीजन फीडबैक - 1250 896
सर्टिफिकेशन - 1250 400
सर्विल लेवल - 1250 210
कुल 5000 2117
इन वजहों से पिछड़ा शहर
स्वच्छता सर्वेक्षण-2019 में शहर के पिछड़ने के मुख्य कारणों में शहर में कूड़ा निस्तारण के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का नहीं होना, कूड़े का शहर के लोगों के द्वारा पृथक करण नहीं करना, यूजर चार्ज नहीं लगाते हुए बॉयलाज न बनाना, बल्क वेस्ट जनरेटर नहीं होना शामिल हैं। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए अब झज्जर के कूड़ों को रोहतक भेजने की तैयारी चल रही है, जिसके लिए नपा झज्जर के द्वारा टेंडर लगाया जाएगा।
सर्विस लेवल बताया खराब
शहर के लोगों ने स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम के सामने नगरपालिका झज्जर की सर्विस लेवल को बेहद खराब बताया। शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन हो रही है लेकिन लोगों ने अपने जवाब में कहा कि कूड़ा उठाने वाली गाड़ी नहीं पहुंचती। शहर के लोगों के ऐसे जवाबों के कारण शहर को सर्विस लेवल में केवल 211 अंक मिले। इसी के चलते झज्जर शहर की रैंकिंग में पांच पायदान की गिरावट आई।
शहर को प्रदेश भर की 62 नगरपालिका में 16वां स्थान मिला है। वहीं देश भर में 156वां स्थान मिला है। जिन बिंदुओं की वजह से झज्जर शहर को रैंकिंग में सुधार नहीं लाया जा सका, उन पर अगले वर्ष के लिए अभी से योजना बनाना शुरू कर दिया गया है। अगले साल सर्वेक्षण में झज्जर को बेहतर रैंकिंग दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
नरेंद्र सैनी, नपा सचिव, झज्जर।