चरखी दादरी। लंबे इंतजार के बाद मंगलवार को नगर परिषद द्वारा चलाया गया अतिक्रमण हटाओ अभियान महज 28 मिनट में ही सिमट गया। अभियान के नाम पर खानापूर्ति कर नप टीम वापस लौट गई। इस दौरान कुछ दुकानों के बाहर बने नालों से आगे रखे सामान को हटवाने की बजाय नप टीम इसे अनदेखा कर आगे बढ़ती रही। सामान जब्त करने की कार्रवाई भी कुछ दुकानदारों व रेहड़ीधारकों पर ही की गई। यहां से नप कर्मचारियों ने साइन बोर्ड व फलों की खाली कैरेट ही उठाईं। सड़क के दोनों और अभियान चलाकर नप टीम वापस कार्यालय लौट गई।
शहर की प्रमुख सड़कें इस समय अतिक्रमण की जद् में हैं। इसका कारण नगर परिषद द्वारा लंबे समय से अतिक्रमण अभियान न चलाना भी है। करीब एक माह पहले आयोजित परिषद हाउस की बैठक में भी पार्षदों ने यह मुद्दा जोरशोर से उठाया था। इस पर चेयरमैन व अधिकारियों ने एक सप्ताह के अंदर अभियान शुरू करने का तर्क पार्षदों को दिया था। इसके बाद भी चार सप्ताह बीतने पर ऐसी कार्रवाई धरातल पर नजर नहीं आई। मंगलवार दोपहर 2:45 पर बीआई व लिपिक जगदीश की अगुवाई में 15 सदस्यीय टीम नप कार्यालय से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने निकली। बस स्टैंड से परशुराम चौक तक यह अभियान चलाया। वहीं, जिन दुकानों के आगे टीम को सामान रखा मिला उन पर रूककर कार्रवाई की बजाय टीम जल्द हटा लेने की बात कहकर आगे बढ़ती रही। अभियान की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2:57 पर टीम 300 मीटर दूर स्थित परशुराम चौक तक पहुंच गई। इसके बाद टीम ने परशुराम चौक से बस स्टैंड की तरफ यू टर्न लिया और 3:13 पर नगर परिषद कार्यालय के मेन गेट पर पहुंचकर अभियान खत्म कर दिया। टीम के नप कार्यालय में घुसते ही स्थिति पहले जैसी ही हो गई। वहीं, नप अधिकारियों का कहना है कि अब अभियान लगातार चलाया जाएगा और इस बार कोई दुकानदार अतिक्रमण को बढ़ावा देता मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
तंग गलियों में घुसे रेहड़ीधारक, थम गए वाहनों के पहिये
बस स्टैंड के सामने करीब 30 से 35 रेहड़ियां लगती हैं। टीम के आते ही ये रेहड़ीधारक पूर्ण मार्केट की गलियों में घुस गए। ऐसी ही स्थिति बस स्टैंड रोड की अन्य तंग गलियों में भी देखने को मिली। इन गलियों में रेहड़ीधारकों के घुसने से वाहनों का आवागमन ठप हो गया और दुपहिया वाहन चालक अपने वाहनों को मोड़कर अन्य गलियों से गुजरते नजर आए।
सामान उठाने का दुकानदारों ने किया विरोध
नप टीम ने अतिक्रमण हटाओ अभियान में पूरी नरमी बरती और बाहर रखे सामान की बजाय साइन बोर्ड व खाली कैरेट को उठाने तक ही कार्रवाई सीमित रखी। इसके बावजूद कुछ दुकानदारों ने दुकानों के आगे रखा सामान उठाने की कार्रवाई का विरोध किया। इसके चलते कुछ दुकानदारों को तो सामान वापस भी दिया गया।
शहर की सभी सड़कों से अतिक्रमण हटाया जाएगा। मंगलवार को अभियान का पहला दिन था और इसलिए कुछ नरमी बरती गई। अब नियमित रूप से अभियान चलेगा और बुधवार से टीम अतिक्रमण करने वालों पर सख्ती बरतेगी।