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कृषि विशेषज्ञ और क्वालिटी नियंत्रक के पद खाली, नई खोजों से वंचित जिले के किसान

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कृषि विशेषज्ञ और क्वालिटी नियंत्रक के पद खाली, नई खोजों से वंचित जिले के किसान पेज नंबर तीन की प्रस्तावित लीड
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डिप्टी डायरेक्टर का पद नहीं होने से बढ़ी दिक्कतें, जिले का कुल कृषि योग्य रकबा 1.22 लाख एकड़
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। कृषि विभाग के पास कृषि विशेषज्ञ व क्वालिटी नियंत्रक अधिकारी न होने की वजह से जिला में कृषि में नई खोज व तकनीकी का विस्तार नहीं हो पा रहा है। इससे किसानों को भी समय- समय पर दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं। इतना ही नहीं जिला कृषि कार्यालय में डिप्टी डायरेक्टर का पद सुसज्जित नहीं होने से पुराने जिला मुख्यालय की सहायता लेनी पड़ती है। जिले में कृषि योग्य 1.22 लाख एकड़ जमीन है।
जिला का कृषि क्षेत्र में विशेष योगदान माना जाता है। यहां दलहन, सब्जी व अन्य सभी प्रकार की फसलों की खेती किसान करते हैं। बागवानी के प्रति भी किसानों का रुझान है। जिले में रेतीली जमीन के अलावा बरानी एरिया, तराई और दोमट मिट्टी भी हैं। ऐसे में किसानों को समय पर खेती में नवीनतम खोज और तकनीक की जानकारी का होना जरूरी है। कृषि उपकरण एवं नए यंत्रों से जुड़ी नई स्कीम, उन्नत बीज आदि की समय पर नई प्लान आती हैं ऐसे में इसके लिए कृषि विशेषज्ञों और उच्च स्तर के अधिकारियों की सख्त जरूरत होती है। चरखी दादरी जिला बन चुका हैं ऐसे में कृषि में अनुसंधान के लिए कृषि विशेषज्ञों की जरूरत पड़ती है। कृषि विशेषज्ञ ही समय- समय पर विश्वविद्यालय स्तर पर होने वाले कृषि मेले में भाग लेकर किसानों के लिए नई जानकारी एकत्रित करते हैं और अपने क्षेत्र के किसानों को यह जानकारी देते हैं। इस समय यहां क्वालिटी नियंत्रक अधिकारी भी तैनात नहीं है। कृषि बीज, खाद, मिट्टी व अन्य कीटनाशक दवाइयों में गुणवत्ता की परख कर समय पर किसानों और निचले स्तर के अधिकारियों को गाइड लाइन देना होता है ताकि किसान को सही समय पर सही जानकारी मिल सके और किसान नई खोजों से वंचित न रहने पाएं क्योंकि मौजूदा दौर में किसान को नई खोज व तकनीक पर आधारित खेती करने की जरूरत है तभी प्रति एकड़ औसत पैदावार को बढ़ाया जा सकता है।
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तीन कृषि विशेषज्ञों की है जरूरत
चरखी दादरी को इस समय तीन कृषि विशेषज्ञों की जरूरत है। जिला का कृषि क्षेत्र काफी बड़ा होने की वजह से इन विशेषज्ञों के पद होना जरूरी है ताकि समय- समय पर किसानों को कृषि की नई खोज एवं तकनीक की जानकारी मिल सके। इस समय पुराने जिला मुख्यालय पर कार्यरत कृषि विशेषज्ञों से ही समय- समय पर नई जानकारी मिलती हैं। जिले के अनुसार यहां कम से कम 20 ब्लॉक कृषि अधिकारियों की भी जरूरत बनी हुई है जो गांवों में जाकर किसानों से सीधे तौर पर संपर्क रखते हैं। कोई भी स्कीम इन ब्लॉक स्तर के अधिकारियों की मार्फत ही किसानों तक पहुंचती है। स्कीम के तहत बीज व कृषि उपकरण वितरण का कार्य इन अधिकारियों के जरिए ही संभव है।
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वर्जन::
किसानों को समय- समय पर हर प्रकार की जानकारी समय पर उपलब्ध करवाई जाती है। सभी स्कीम की जानकारी दी जाती है। कृषि विशेषज्ञ मिलने पर और भी आसानी हो जाएगी। - रमेश कुमार, टीए एवं ब्लॉक कृषि अधिकारी

फोटो- 07
चरखी दादरी कृषि विभाग कार्यालय की फोटो।
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